Saturday, Jul 24, 2021
-->
cloudburst in uttarkashi, rescue operation underway musrnt

उत्तरकाशीः बादल फटने से भारी तबाही, तीन शव  बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

  • Updated on 7/19/2021

उत्तरकाशी/ चिरंजीव सेमवाल। रविवार रात हुई बारिश ने जिले में वर्ष 2012-13 की आपादा जैसे हालात कर दिये। देर रात्रि बादल फटने से 4 से 5 मकान जमींदोज को हो गए। मूसलाधार बारिश के कारण मांडो और निराकोट के ऊपर बादल फटने के कारण गदेरे उफान पर आ गए। जिस कारण सबसे ज्यादा नुकसान मांडो गांव में हुआ है। जहां पर 15 से 20 घरों में मलबा घुस गया है। वहीं, मांडो गांव में रेस्क्यू टीम ने दो महिलाओं और एक बच्ची का शव बरामद कर लिया है।

ग्राम मांडों में 02 महिला व  01 बच्चे का शव बरामद किया गया। शवों को जिला अस्पताल में लाया गया हैं।
मृतक माधरी पत्नी श्री देवानन्द, उम्र 42 वर्ष, ग्राम माण्डो। रीतू पत्नी श्री दीपक, उम्र 38 वर्ष, ग्राम माण्डो।- कुमारी ईशू पुत्री दीपक, उम्र 06 वर्ष, ग्राम माण्डो हैं।

बादल फटने की घटना पर  पाकर मौके पर SDRF और पुलिस आपदा की खोज बचाव टीम रेस्क्यू अभियान चला रही है। वहीं, मलबे में दबे एक बुजुर्ग को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। इस अलावा भटवाड़ी विकासखण्ड के कंकराड़ी गांव में भी गदेरा उफान पर आने के कारण एक व्यक्ति के बहने की सूचना है।

उत्तरकाशी में बादल फटने से मची भारी तबाही हुई। मांडो गांव में करीब 15 से 20 घरों में मलबा घुस गया है।उत्तरकाशी में भारी बारिश मांडो और निराकोट में भारी नुकसान, कई गाड़ियां बहीं!गनीमत ये रही कि गदेरे में पानी बढ़ते ही लोग अपने घरों को छोड़कर भाग गए, नहीं तो इसकी चपेट में काफी लोग आ सकते थे।

मांडो गांव में करीब 4 से 5 मकान जमींदोज हो गए हैं। एक ओर जहां अंधेरा और लगातार हो रही बारिश के कारण रेस्क्यू टीम को भी खोज-बचाव में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।दूसरी ओर निराकोट में गांव के दोनों और गदेरा आने के कारण ग्रामीण बीच मे फंस गए हैं और ग्रामीणों ने एक स्थान पर शरण ले ली जहां पर तहसीलदार भटवाड़ी और NDRF मौके पर पहुंच कर खोज बचाव अभियान चला रही है। एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मांडो में एक परिवार के तीन लोग लापता हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.