Saturday, May 15, 2021
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तेल की बढ़ती कीमतों पर CM अशोक गहलोत ने सिलसिलेवार ट्वीट कर केंद्र पर साधा निशाना

  • Updated on 2/20/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी आने से आज घरेलू बाजार में लगातार 12वें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस (Congress) लगातार मोदी सरकार (Modi Government) पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कई सिलसिलेवार ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है।

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CM गहलोत ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा, 'पेट्रोल-डीजल की कीमतों से आमजन त्रस्त है। पिछले 11 दिनों से लगातार दाम बढ़ रहे हैं। यह मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल यूपीए के समय से आधी हैं लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।'

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ट्वीट कर कहा ये
उन्होंने अपने अन्य ट्वीट में लिखा, 'मोदी सरकार पेट्रोल पर 32.90 रुपये एवं डीजल पर 31.80 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगाती है। जबकि 2014 में यूपीए सरकार के समय पेट्रोल पर सिर्फ 9.20 रुपये एवं डीजल पर महज 3.46 रुपये एक्साइज ड्यूटी थी। मोदी सरकार को आमजन के हित में अविलंब एक्साइज ड्यूटी घटानी चाहिए।'

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, 'मोदी सरकार ने राज्यों के हिस्से वाली बेसिक एक्साइज ड्यूटी को लगातार घटाया है और अपना खजाना भरने के लिए केवल केन्द्र के हिस्से वाली एडिशनल एक्साइज ड्यूटी एवं स्पेशल एक्साइज ड्यूटी को लगातार बढ़ाया है। इससे अपने आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए राज्य सरकारों को वैट बढ़ाना पड़ रहा है।'

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अर्थव्यवस्था पर पड़ा बुरा असर 
सीएम गहलोत ने आगे कहा, 'कोविड के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है एवं राज्य का राजस्व घटा है। लेकिन आमजन को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले महीने ही वैट में 2% की कटौती की है। मोदी सरकार ऐसी कोई राहत देने की बजाय पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज बढ़ा रही है।'

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जयपुर में पेट्रोल की कीमत भोपाल से कम- सीएम
उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट में लिखा, 'कुछ लोग अफवाह फैलाते हैं कि राजस्थान सरकार पेट्रोल पर सबसे अधिक टैक्स लगाती है इसलिए यहां कीमतें ज्यादा हैं। भाजपा शासित मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर राजस्थान से ज्यादा टैक्स लगता है इसीलिए जयपुर में पेट्रोल की कीमत भोपाल से कम है।'

जेब पर भारी पड़ रहा पेट्रोल-डीजल! लगातार 12वीं बार राजधानी में बढ़े दाम

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर हुई बढ़ोतरी
बता दें कि देश में पेट्रोल (Petrol) डीजल (Diesel) के दाम आसमान छू रहे हैं, इसके बाद भी सरकारी कंपनियों की ओर से इसकी कीमतों में वृद्धि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में तेल के दाम इन दिनों अपने उच्चतम स्तर पर हैं। आज 12वीं बार लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि हुई है। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 90.58 रुपये प्रति लीटर (39 पैसे की वृद्धि) और 80.97 रुपये प्रति लीटर (37 पैसे की वृद्धि) पर हैं।

वहीं मुंबई की बात करें तो यहां पर पेट्रोल की कीमत 97 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 88.06 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की महंगाई को लेकर सरकार भले ही दुहाई दे रही है, लेकिन हकीकत यह है कि हम 29.34 रुपये लीटर वाले पेट्रोल की कीमत 88 रुपये से अधिक चुका रहे हैं।

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जानें पेट्रोल डीजल में कितनी लगती है एक्साइज ड्यूटी
वहीं डीजल की बात करें तो इसका बेस प्राइस दिल्ली में 1 फरवरी को केवल 30.55 रुपये था, जबकि इस दिन मार्केट में यह 76.48 रुपये लीटर बिक रहा था। दरअसल भारत में डीजल और पेट्रोल पर केंद्र सरकार जहां एक्साइज ड्यूटी के रूप में हर लीटर पर 32 रुपये से अधिक वसूल ती है, तो राज्य सरकारें वैट और उपकर (सैस) लगाकर लोगों की जेब से अपना खजाना भर रही है।

भाड़ा और डीलर का कमीशन आम आदमी को करता है वहन
इसके अलावा दोनों तेलों पर भाड़ा और डीलर का कमीशन भी जुड़ता है, जो आम जनता से ही लिया जाता है। अगर राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगाए जाने वाले टैक्स की बात करें तो राजस्थान में पेट्रोल पर वैट 36% और डीजल पर 26% लगता है। यहां पहले सबसे अधिक वैट लगता था। 

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