Thursday, Dec 01, 2022
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पटियाला में झड़प के बाद हरकत में आए सीएम मान, AAP ने साधा BJP पर निशाना

  • Updated on 4/29/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पंजाब के पटियाला में शुक्रवार को एक ‘‘खालिस्तान विरोधी मार्च’’ को लेकर दो समूहों के बीच हुए पथराव में दो लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों की बैठक बुलाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। उधर, आम आदमी पार्टी ने इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। 

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सीएम मान ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'पटियाला में हुई घटना पर DGP और सभी बड़े अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। मामले की तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं और अधिकारियों को सख़्त हिदायत दी है कि एक भी दोषी को बख्शा न जाए। पंजाब विरोधी ताकतों को किसी भी कीमत पर पंजाब की शांति भंग नहीं करने दी जाएगी।'

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वहीं, पटियाला में झड़प को लेकर सियासत भी गर्म हो गई है। आम आदमी पार्टी ने इसके लिए भाजपा पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडर पर लिखा है, 'BJP का दंगाई नंबर -2 अशुतोष गौतम । पंजाब की हार के बाद BJP अपने नेताओं से दंगे, गुंडई और लफंगई करवा रही है। अमित शाह जी देश और पंजाब को बताएं कि आख़िर क्यों हर बार BJP के लोग ही दंगों में गुंडई-लफंगई करते नज़र आते हैं?'

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अपने दूसरे ट्वीट में पार्टी लिखती है, 'जहां गुंडागर्दी वहां भाजपा! #Patiala की सड़कों पर दंगे भड़काता हुआ ये शख्स Amit Shah का करीबी पटियाला BJP का उपाध्यक्ष Varun Jindal है। BJP गुंडों, लफ़ंगों, दंगाइयों की पार्टी है। अब जल्द ही अमित शाह इसे BJP मुख्यालय बुला कर सम्मानित करेंगे।'

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बता दें कि यह झड़प काली माता मंदिर के बाहर उस समय हुई जब ‘‘शिवसेना (बाल ठाकरे)’’ नामक एक संगठन के सदस्यों ने ‘‘खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च’’ निकालना शुरू किया। पुलिस ने बताया कि निहंगों सहित कुछ सिख लोगों ने संगठन के कार्यक्रम के खिलाफ एक और मार्च निकाला। पुलिस ने बताया कि काली माता मंदिर के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए और एक दूसरे पर पथराव कर दिया। पुलिस के अनुसार शहर में स्थिति को और बिगडऩे से रोकने के लिए मंदिर के द्वारों को बंद कर दिया गया और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गये। 

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 उन्होंने बताया कि पथराव में एक पुलिसकर्मी समेत दो लोग घायल हो गये। शिव सेना के एक नेता ने कहा कि संगठन ने मार्च 29 अप्रैल को ‘खालिस्तान के स्थापना दिवस’ के मौके पर ‘सिख फॉर जस्टिस’ की घोषणा के जवाब में मार्च निकालने की योजना बनाई थी।पटियाला के पुलिस महानिरीक्षक राकेश अग्रवाल ने पटियाला में संवाददाताओं से कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने बाहर से पुलिस बल बुलाया है। उपायुक्त द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाई गई है।’’ उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बहाल करना उनकी प्राथमिकता है। 

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इस प्रकरण पर पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि ‘‘चंद शरारती तत्वों ने कुछ अफवाहें फैलाई थीं। हमने स्थिति को नियंत्रित किया है। हम पटियाला शहर में फ्लैग मार्च कर रहे हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि घटना में कितने लोग घायल हुए हैं, अग्रवाल ने कहा कि वह अभी भी इसकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अफवाहों के कारण तनाव बढ़ गया था, लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है।’’ ‘‘खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च’’ का आयोजन ‘‘शिवसेना (बाल ठाकरे)’’ नेता हरीश सिंगला द्वारा किया गया था। मार्च आर्य समाज चौक से शुरू हुआ जिसमें सेना के कार्यकर्ताओं ने ‘‘खालिस्तान मुर्दाबाद’’ के नारे लगाये।

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 सिंगला ने कहा कि ‘सिख फॉर जस्टिस’ के गुरपतवंत पन्नून ने 29 अप्रैल को खालिस्तान के स्थापना दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें जवाब देने के लिए सेना ने 29 अप्रैल को ‘खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च’ निकालने का भी फैसला किया था।’’पटियाला की उपायुक्त साक्षी साहनी ने कहा, ‘‘हम सभी से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील करते हैं।’’      साहनी ने एक बयान में कहा, ‘‘शांति और सछ्वाव हमारे सभी धर्मों और उनकी मूल भावना के केंद्र में हैं। भले ही कोई विवाद या गलतफहमी हो, इसे बातचीत से सुलझाना महत्वपूर्ण है।’’ 
 

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