Wednesday, Sep 18, 2019
cm kejriwal congratulates isro scientist for insertion of chandrayan2 in moon orbit

चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2, CM केजरीवाल ने गर्व से कही ये बात...

  • Updated on 8/20/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। चंद्रयान 2 (Chandrayan 2) के चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। आज  यानी मंगलवार सुबह 09.02 बजे चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर लिया है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीर कर लिखा है कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के लिए  इसरो के सभी वैज्ञानिको को बधाई। पूरे देश को आप सभी पर गर्व है। 

बता दें कि इसरो के प्रमुख के. सिवान ने इस पूरे अभियान के विषय में मीडिया से भी बातचीत की। साथ ही ये भी कहा कि विक्रम लैंडर 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर उतरेगा।   

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सबसे मुश्किल अभियान

चंद्रयान-2 को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कराना इस पूरे मिशन का सबसे मुश्किल अभियान बताया जा रहा था। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना था कि अगर ये स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा पर उच्च गति वाले वेग से प्रवेश करता है तो चंद्रमा इसे उछाल देगा और परिणामस्वरूप स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में खो जाएगा। अगर ये धीमी गति से चंद्रमा में प्रवेश करता है तो चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) को अपनी ओर खींच लेगा जिससे वो उसकी सतह पर ही गिरेगा।

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दिशा में होगा चार बार और परिवर्तन

बताया जा रहा है कि चंद्रयान-2 को चंद्रमा की कक्षा में सफलता पूर्वक प्रवेश करने के बाद अब इसरो स्पेसक्रॉफ्ट की दिशा में चार बार और परिवर्तन करेगा। दिशा में ये परिवर्तन क्रमश: 21, 28, 30 अगस्त और 1 सितंबर को किए जाएंगे। 

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चंद्रमा की सतह पर उतरेगा विक्रम लैंडर

दिशा में परिवर्तन के फलस्वरूप चंद्रमा के ध्रुव के ऊपर से गुजरकर 100 किमी की दूरी पर अंतिम कक्षा में पहुंच जाएगा। चंद्रयान इस समय चंद्रमा के सबसे नजदीक होगा। इसके बाद विक्रम लैंडर चंद्रमा की सहत पर उतरेगा। इसरो का कहना है कि लैंडर के चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले उसकी दिशा और गति को सुधारने के लिए धरती से उसे दो निर्देश दिए जाएंगे। जिससे वो धीमे से चंद्रमा की सतह पर उतरे। 

बता दें कि 22 जुलाई को चंद्रयान को धरती से चंद्रमा के लिए रवाना किया गया था। इसको भारी वजन उठानेवाले रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल- मार्क 3 (GSLV-MK 3) द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। 

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