योगी के डिग्री कालेज पर त्रिवेंद्र मेहरबान, एक साल पहले किया था अनुदान सूची में शामिल

  • Updated on 7/11/2018

देहरादून/दीपक फरस्वाण। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सरकार के अधिकांश डिग्री कालेज संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। कहीं शिक्षक की कमी है, तो कहीं महाविद्यालय का अपना भवन नहीं है। इन महाविद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं जुटाने तक को सरकार के पास पैसे नहीं हैं। 

इसी तरह राज्य में स्थित निजी क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थान भी सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। लेकिन इन परिस्थितियों के बीच त्रिवेंद्र सरकार एक निजी डिग्री कालेज को लाभ पहुंचाने पर आमादा है। इस कालेज को पहले अनुदान सूची में लाने और फिर इसके राजकीयकरण के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने अति सक्रियता के साथ कार्रवाई की।

जी हां, यहां बात हो रही है पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विथ्याणी में स्थापित ‘महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय’ की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1999 में की थी। योगी ने अपने गोरखनाथ ट्रस्ट के अधीन इस महाविद्यालय का संचालन शुरू किया था। 

एक सप्ताह के लिए जनता एक्सप्रेस का रूट रहेगा डायवर्ट

मार्च 2017 में योगी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही यह महाविद्यालय भी सुर्खियों में आ गया। इसी वक्त उत्तर प्रदेश के साथ हुए विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में भी भाजपा सत्ता में आ गई। चूंकि योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड मूल के हैं और वे भाजपा के बड़े और प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं।

लिहाजा उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार उन्हें प्रभावित करने का रास्ता ढूंढती रहती है। सत्ता में आते ही त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अप्रैल 2017 में हुई कैबिनेट बैठक में महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय’ को अनुदान सूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। 

महज तीन महीने में अगस्त 2017 में वित्त अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान ने इस महाविद्यालय को अनुदान सूची में शामिल करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद योगी के महाविद्यालय को सरकारी मदद मिलनी शुरू हो गई। महाविद्यालय के शैक्षणिक व गैर शिक्षणेत्तर स्टाफ को सरकारी खजाने से वेतन मिलना शुरू हो गया। लेकिन त्रिवेंद्र सरकार यहीं नहीं रुकी। अब सोमवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय को राजकीय करने का फैसला ले लिया गया है।

नए राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने कार्यभार संभाला, बोले-सरकार के साथ तालमेल जरूरी

धन सिंह को यों ही तवज्जो नहीं देते योगी
योगी के डिग्री कालेज को लाभ दिलवाने के पीछे उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. धन सिंह रावत का हाथ बताया जाता है। कहते हैं कि उनकी सलाह पर ही सीएम त्रिवेंद्र ने यह निर्णय लिया है। बीते वर्ष त्रिवेंद्र सरकार ने तब योगी के डिग्री कालेज को अनुदान सूची में शामिल किया था, तो धन सिंह योगी के माता-पिता को हेलीकॉप्टर में बैठाकर लखनऊ ले गए। वहां उन्होंने योगी को डिग्री कालेज से सम्बंधित खुशखबरी सुनाई। तब से धन सिंह को योगी खूब तवज्जो देते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.