Tuesday, Jan 25, 2022
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कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए केंद्र के साथ तालमेल बिठाए दिल्ली सरकार: LG

  • Updated on 12/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil baijal) ने सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में दिल्ली में कोरोना की स्थिति का जायजा लिया और कोविड-19 वैक्सीन लगाने की तैयारी की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुख्य सचिव विजय देव, डॉ. वीके पॉल, एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया आदि भी उपस्थित थे।

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को वैक्सीन लगाने की तैयारी को तेज करने और इसकी व्यवस्था के लिए भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश दिए। उपराज्यपाल ने कहा कि कोरोना के खिलाफ सभी स्तर पर बेहतर प्रबंधन किया गया, लेकिन इस मौसम में ज्यादा टेस्ट की जरूरत है।

अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि कोरोना वैक्सीन के लिए ट्रेनिंग जारी है और इस महीने यह पूरी हो जाएगी। पहले चरण में हेल्थ वर्कर को वैक्सीन लगाने के लिए सूची भी तैयार कर ली गई है। वैक्सीन के लिए कोल्ड स्टोरेज चेन समेत दूसरी चीजों की तैयारी कर ली गई है। टीकाकरण को समय से पूरा करने के लिए ज्यादातर तैयारियां कर ली गई हैं।

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वैक्सीन परीक्षण के सामने आ रहे स्वयंसेवी
एम्स में कोरोना से संबंधित वैक्सीन के तीसरे परीक्षण को लेकर कुछ दिनों पहले तक जरूरत के मुताबिक स्वयंसेवी सामने नहीं आ रहे थे, लेकिन अब लोगों ने आवेदन करना शुरू कर दिया है। न केवल आमलोग बल्कि एम्स और बाहर के चिकित्सक और परिजन भी तीसरे परीक्षण के लिए सामने आने लगे हैं। एम्स में ईएनटी में डॉक्टर आलोक ठक्कर और उनके पिता ने परीक्षण में हिस्सा लिया। उनके पिता महेंद्र लाल ठक्कर की उम्र 80 साल है। वो पिछले कई दिनों से अपने बेटे से वैक्सीन परीक्षण में शामिल होने के लिए कह रहे थे।

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एम्स के डॉक्टर ले रहे वैक्सीन परीक्षण में हिस्सा
एम्स में इंटरनल मेडिसिन विभाग के डॉ. आशुतोष बिस्वास और डॉ. हरिप्रसाद भी क्लीनिकल ट्रायल में शामिल हुए। डॉक्टर आशुतोष ने कहा मैं इसलिए आया हूं कि अगर हम नहीं आएंगे तो ट्रायल कैसे पूरा होगा। लोग वॉलंटियर नहीं करेंगे तो एफिकेसी कैसे पता चलेगा। सिर्फ सीनियर डॉक्टर और उनका परिवार ही नहीं बल्कि एम्स में पढऩे वाले मेडिकल छात्र भी परीक्षण में हिस्सा ले रहे हैं। कुछ डॉक्टर जो एम्स से बाहर के हैं वो भी इस क्लीनिकल ट्रायल में वॉलंटियर बने। एम्स सामुदायिक मेडिसिन विभाग के डॉ. संजय राय के मुताबिक लोगों में परीक्षण को लेकर कुछ असमंजस हो गई थी।

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