Wednesday, Mar 20, 2019

कोबरा पोस्ट ने गलत खबर दिखाने के लिए मांगी पूर्व पार्षद रवि प्रकाश शर्मा से माफी

  • Updated on 3/7/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 6 दिसंबर 2011 में अवैध निर्माण से संबंधित स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद आठ दिसंबर को लोकायुक्त की अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच की शुरू की थी। स्टिंग ऑपरेशन दिखाने वाले निजी न्यूज चैनल से प्राप्त ऑपरेशन का मूल वीडियो टेप पहले आरोपी आठ पार्षदों को अलग-अलग बुलाकर अदालत ने था।

स्टिंग में दिखाए गए पार्षदों में पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार वार्ड के पार्षद रवि प्रकाश शर्मा को भी दिखाया गया था। यह स्टिंग एक खोजी चैनल कोबरा पोस्ट व एक नामचीन चैनल के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। लोकायुक्त ने मामले मे संज्ञान लेते हुए सभी पार्षदों को तलब किया था।

तत्कालीन पार्षद रवि प्रकाश के मामले में सुनवाई के दौरान लोकायुक्त ने 22 मार्च 2012 को पूरी फुटेज देखने के बाद पाया कि चैनल ने अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए मूल खबर रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ की थी।

लोकायुक्त ने प्रीत विहार वार्ड के तत्कालीन पार्षद रवि प्रकाश शर्मा को निर्दोष मानते हुए उपराज्यपाल से उनके निर्दोष होने की संस्तुति की थी। साथ ही लोकायुक्त ने रवि प्रकाश शर्मा को चैनल कोबरा पोस्ट व आईबीएन सेवन के खिलाफ मानहानी का केस दायर करने की इजाजत भी दे दी थी। जिसके बाद रवी प्रकाश ने खबरिया चैनलों खिलाफ कड़कडड़ूमा अदालत में आराधिक षड्यंत्र रचने के साथ ही मानहानि का केस दर्ज कर दिया। 

अदालत मामले में सुनवाइ के दौरान कोबरा पोस्ट ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रवि प्रकाश से लिखित माफी मांग ली है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास खुरान ने बताया कि इसके बाद एक एनजीओ ने सभी पार्षदों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

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