Friday, Feb 26, 2021
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दिल्ली में गणतंत्र दिवस व किसानों की टैक्टर रैली के लिए सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त

  • Updated on 1/25/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गणतंत्र दिवस समारोह और किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर राजपथ और राष्ट्रीय राजधानी की कई सीमाओं पर हजारों सशस्त्र सुरक्षा र्किमयों को तैनात किया गया है। दिल्ली में पहले से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त किया गया है। तीन विवादित कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संघों ने कहा कि उनकी परेड मध्य दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगी और यह गणतंत्र दिवस पर होने वाली आधिकारिक परेड के समापन के बाद ही शुरू होगी। 

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संघों ने दावा किया है कि उनकी परेड में करीब दो लाख ट्रैक्टरों के हिस्सा लेने की उम्मीद है और यह सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर तथा गाकाीपुर (यूपी गेट) से रवाना होगी। एक अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर निगरानी रखने के लिए करीब छह हजार सुरक्षा र्किमयों को तैनात किया गया है। संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस की चेहरे से पहचान करने वाली प्रणाली भी उचित स्थानों पर स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि राजपथ पर लोगों की जांच करने वाले कर्मी पीपीई किट पहने होंगे तथा मास्क एवं फेस शील्ड (चेहरे के आगे शीशा) लगाए हुए होंगे। 

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मंगलवार को परेड के आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर नजर रखने के लिए ऊंची इमारतों पर शार्प शूटरों और स्नाइपरों को तैनात किया जाएगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह और प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में और नगर के आसपास पांच स्तरीय सुरक्षा कवर तैनात किया गया है। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ईश सिंघला ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के लिए राजपथ पर छह हजार से ज्यादा पुलिस र्किमयों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 प्रोटोकॉल की वजह से राजपथ पर समारोह देखने के लिए सिर्फ 25,000 लोगों को आने की इजाजत होगी। हालांकि हर साल एक लाख से अधिक लोग परेड देखने पहुंचते थे। 

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सिंघला ने यह भी कहा कि इस साल परेड को छोटा किया गया है। परेड लाल किले तक जाने के बजाय नेशनल स्टेडियम पर ही खत्म हो जाएगी और झांकियां ही लाल किले तक जाएंगी। डीसीपी ने कहा, 'हमने गणतंत्र दिवस परेड मार्ग पर और बाड़ के साथ 140 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। हमने राजपथ पर 30 स्थानों पर चेहरे से पहचान करने वाली प्रणाली लगाई। यह उन स्थानों पर लगाई गई है जहां से लोग प्रवेश करेंगे।' पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'इस प्रणाली में करीब 50,000 लोगों का डेटाबेस है जिनमें संदिग्ध आतंकवादी, अपराधी व असामाजिक तत्व शामिल हैं।' किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई सीमाओं पर पहले से ही सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। 

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विशेष पुलिस आयुक्त (खुफिया) दीपेंद्र पाठक ने रविवार को दावा किया था कि टैक्टर रैली में बाधा डालने के लिए पाकिस्तान में 300 से ज्यादा ट्विटर अकाउंट बनाए गए हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने एक परिपत्र में सभी अधिकारियों और र्किमयों के साथ-साथ गणतंत्र दिवस परेड सुरक्षा इंतजामों के लिए तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को निर्देश दिया है कि वे ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तारित तैनाती के लिए तैयार रहे। पाठक ने प्रेसवार्ता में कहा,‘’किसानों की ट्रैक्टर परेड को बाधित करने के लिए पाकिस्तान से 13 से 18 जनवरी के दौरान 300 से भी अधिक ट्विटर अकाउंट बनाए गए हैं। इस संबंध में विभिन्न एजेंसियों से एक ही तरह की जानकारी प्राप्त हुई है। 

उन्होंने कहा,‘’यह हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। हालांकि, गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रैक्टर परेड निकाली जाएगी।‘‘     किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने वाले लोगों से अपील की है कि वे 24 घंटे के लिए पर्याप्त राशन लेकर आएं और सुनिश्चित करें कि परेड शांतिपूर्ण रहे। एक किसान नेता ने कहा, 'कोई भी किसी तरह का हथियार न रखे या शराब न पिए। भड़काऊ संदेशों वाले बैनरों की भी इजाजत नहीं है।' सिंघू बॉर्डर से शुरू होने वाली टैक्टर परेड संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, बवाना, कुतुबगढ़, औचंदी बॉर्डर और खरखौदा टॉल प्लाजा से गुजरेगी। पूरा मार्ग 63 किलोमीटर लंबा होगा। 

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किसान नेताओं ने बताया कि दूसरा मार्ग 62 किलोमीटर लंबा होगा। यह परेड टिकरी बॉर्डर से शुरू होगी और नांगलोई, नजफगढ़, झाडौदा बॉर्डर, रोहतक बाईपास एवं आसौदा टॉल प्लाजा से गुजरेगी। गाजीपुर से शुरू होने वाली टैक्टर परेड अप्सरा बॉर्डर, हापुड़ रोड और लाल कुआं से गुजरेगी। यह 68 किलोमीटर का मार्ग तय करेगी जो सबसे लंबा है। किसान नेता अपनी कारों में सबसे आगे होंगे। किसान नेताओं ने बताया कि सभी गाडिय़ों को वहां लौटना होगा जहां से वे निकले थे। कोई भी बिना कारण के आधे रास्ते में न रूके। हर टैक्टर पर तिरंगा लगा होगा और लोक गीत तथा देश भक्त के गाने बजाए जाएंगे। 

 

 

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