Saturday, Jan 22, 2022
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congress accuses modi bjp government of scam of 12 thousand crores rkdsnt

मोदी सरकार पर कांग्रेस ने लगाया 12 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप

  • Updated on 10/9/2020

नई दिल्ली/नवोदय टाइम्स ब्यूरो। कांग्रेस (Congress) ने केंद्र की मोदी सरकार सरकार पर लौह अयस्क निर्यात में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के साथ ही सरकार की ओर से नियमों में किए गए बदलावों के चलते निजी क्षेत्र की कंपनियों ने अवैध रूप से लाखों करोड़ रुपये का लौह अयस्क निर्यात किया, जिसमें निर्यात शुल्क नहीं लिया गया।

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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के स्टील मंत्रालय द्वारा 2014 में नियमों में बदलाव कर लौह अयस्क खनन और निर्यात में निजी क्षेत्र को घुसने का मौका दिया गया, जबकि इसके पहले एमएमटीसी के पास ही सारा काम हुआ करता था। वीरवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है, हवाई अड्डों से लेकर बंदरगाहों तक, टेलीकोम से लेकर सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनियों तक और यहां तक कि भारतीय रेल तक अपने दोस्तों पर लुटाने के लिए सदैव तत्पर दिखाई देती है। 

लौह अयस्क निर्यात शुल्क नहीं लेने का मामला

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014 से पहले लौह अयस्क (कच्चा लोहा) निर्यात केवल एमएमटीसी कर सकती थी। एमएमटीसी में 89 प्रतिशत सरकार की हिस्सेदारी है। यह एक सरकारी कंपनी है। उन्होंने बताया कि लौह अयस्क के निर्यात पर 30 प्रतिशत निर्यात शुल्क भी लगता है। 2014 में मोदी सरकार के स्टील मंत्रालय ने चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान में लौह अयस्क निर्यात की अनुमति दे दी। साथ ही लौह अयस्क छर्रों के निर्यात पर निर्यात शुल्क हटा दिया।

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खेड़ा ने कहा कि अनुमान के मुताबिक निजी कंपनियों ने 2014 से अब तक लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का लौह अयस्क छर्रा निर्यात किया है। जबकि इनके पास निर्यात करने की अनुमति भी नहीं थी। निजी क्षेत्र की वे कंपनियां, जिन्हें अपने उपयोग के लिए लौह अयस्क की खदानें मिली थीं, उन्होंने मौके का फायदा लिया और स्टील मंत्रालय और केन्द्र सरकार के नाक के नीचे उम्दा गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का निर्यात छर्रों के माध्यम से किया, वह भी बिना निर्यात शुल्क अदा किए। 

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उन्होंने आरोप लगाया कि इससे न केवल भारत के बेशकीमती प्राकृतिक संसाधन को लुटाया गया बल्कि 12,000 करोड़ रूपये का निर्यात शुल्क भी चोरी की गई। इन कंपनियों पर लौह अयस्क छर्रों के गैर कानूनी निर्यात पर 2 लाख करोड़ का जुर्माना भी बनता है। उन्होंने सवाल किया कि इन कंपनियों को निर्यात की अनुमति किसने दी। जिन कंपनियों ने निर्यात किया, वे कौन हैं, उनके नाम उजागर किए जाएं। किसी सरकारी जांच एजेंसी ने इसकी जांच की। क्या इसके पीछे किसी मंत्री का हाथ है। क्या इस लूट की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे या किसी पर और पर डालेंगे।

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