Wednesday, Oct 20, 2021
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कांग्रेस का आरोप, कॉनकॉर के विनिवेश से पहले भूमि लाइसेंस शुल्क घटाने की तैयारी में सरकार 

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस ने कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकॉर) के विनिवेश की केंद्र की तैयारियों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कॉनकॉर के विनिवेश से पहले इसे इसके लिए तय भूमि लाइसेंस शुल्क को घटाने की तैयारी की जा रही है। 

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कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने सोमवार को यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में दावा किया कि सरकार की कोशिश है कि भूमि लाइलेंङ्क्षसग शुल्क (एलएलएफ) को उसकी वर्तमान दर छह प्रतिशत से घटाकर दो या तीन प्रतिशत कर दिया जाए इसके साथ ही लीज की अवधि को पांच साल से बढ़ाकर 35 साल करने का भी प्रस्ताव है। रेलवे बोर्ड के प्रपोजल को दिखाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह मैं या कांग्रेस नहीं, बल्कि रेलवे का दस्तावेज कह रहा है। उन्होंने बताया कि कॉनकॉर में अभी 54.8 फीसद का हिस्सा सरकार का है। सरकार इसमें से 30.8 प्रतिशत हिस्से का विनिवेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि  कॉनकॉर के पास देश में 60 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं, जिसमें से 24 भारतीय रेलवे की जमीन पर हैं।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि रेल से संबंधित पीएसयू को रेलवे बोर्ड ने 19 मार्च, 2020 को अपनी भूमि के औद्योगिक उपयोग के संदर्भ में एलएलएफ को अधिसूचित किया और इसे कॉनकॉर के लिए भी लागू किया। गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि यह सब निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मकसद से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो कॉनकॉर एक प्राफिट मेकिंग कंपनी है, जिसके विनिवेश का फैसला ही ठीक नहीं है। दूसरा, अभी कॉनकॉर पर किसी भी तरह की देनदारी नहीं है। लेकिन जब 35 साल के लीज पर वह जमीनों को लेगी तो उसे बैंकों से ऋण लेना होगा, इससे उसके ऊपर देनदारी बन जाएगी। उन्होंने कहा कि एक लाभ कमा रही कंपनी को ऋण के बोझ से दबा कर केंद्र की मोदी सरकार निजी हाथो बेचना चाहती है।

चुनाव आते ही ’अब्बा जान’ की याद आई...
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘अब्बा जान’ वाले बयान को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि कोरोना महामारी के समय गंगा में लाशें तैरने के समय योगी कहीं नहीं नजर नहीं आए, लेकिन अब चुनाव नजदीक आने पर अपने पुराने ढर्रे पर जाकर ‘अब्बा जान’ को याद करने लगे हैं। पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने आदित्यनाथ पर ‘ओछी मानसिकता’ होने का आरोप लगाया और कहा कि लोगों को बांटने की यह तरकीब नहीं चलने वाली है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जिस मुख्यमंत्री को लखनऊ और कलकत्ता का भेद न पता हो, जिस मुख्यमंत्री को भारत और अमरीका का भेद न पता हो, उस मुख्यमंत्री की बातों को गंभीरता से लेना, गंभीरता का अपमान करना है। आतंकवाद को लेकर कांग्रेस पर की गई योगी की टिप्पणी पर गौरव वल्लभ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बलिदान का कांग्रेस का पुराना इतिहास है। कांग्रेस ने अपने अनगिनत नेताओं और कार्यकर्ताओं को खोया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के पहले आतंकवादी नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की। 
 

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