Wednesday, Jan 26, 2022
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कांग्रेस ने उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत के इस्तीफे को लेकर भाजपा पर बोला हमला

  • Updated on 3/9/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे को ‘भ्रष्टाचार और नाकामी पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश’ करार देते हुए मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राज्य की स्थिति का संज्ञान लेते हुए सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी देवेंद्र यादव ने यह दावा भी किया कि इस इस्तीफे से भाजपा ने स्वीकार कर लिया है कि पिछले चार साल में उत्तराखंड में सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। 

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उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि त्रिवेंद्र रावत का इस्तीफा चार साल से चल रहे भ्रष्टाचार और नाकामियों पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश है।’’      यादव के मुताबिक, चार महीने पहले उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। उस सरकार ने उच्चतम न्यायालय में जाकर इस आदेश पर स्थगन लेने की कोशिश की। अब मुख्यमंत्री के इस्तीफे से सारे घोटाले सामने आ गए हैं।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘ रावत का इस्तीफा नाकाफी है। हमारी मांग है कि राष्ट्रपति महोदय इस स्थिति का संज्ञान लें और सरकार को बर्खास्त करें। राष्ट्रपति शासन लगाकर नए सिरे से चुनाव कराया जाए।’’ उल्लेखनीय है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को विधानमंडल दल की बैठक होगी जिसमें पार्टी विधायक दल का नया नेता चुना जाएगा जो प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री होगा। 

उत्तराखंड के मुख्मंत्री पद से इस्तीफा दिया 
उत्तराखंड भाजपा में पिछले तीन दिनों से चल रही सियासी उठापठक के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।   बुधवार सुबह 10 बजे राज्य पार्टी मुख्यालय में विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें सभी विधायकों की मौजूदगी में नए नेता का चयन किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में बैठक में मौजूद रहेंगे। नयी दिल्ली में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर मंगलवार को देहरादून लौटे । शाम चार बजे के बाद मुख्यमंत्री राजभवन पहुंचे और राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया । 

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बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रावत ने बताया, ‘‘पार्टी ने सामूहिक रूप से यह निर्णय किया है कि मुझे अब किसी और को यह मौका देना चाहिए ।’’ उन्होंने कहा,‘मैं अभी—अभी माननीय राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप कर आ गया हूं ।’’ रावत ने कहा कि उनके चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने में केवल नौ दिन कम रह गए हैं और उन्हें इतना ही मौका मिला । यह पूछे जाने पर उनके इस्तीफे के पीछे क्या वजह रही, रावत ने कहा,‘यह पार्टी का सामूहिक निर्णय होता है । इसका अच्छा जवाब पाने के लिए आपको दिल्ली जाना पड़ेगा ।‘ रावत ने अपने उत्तराधिकारी को शुभकामनांए भी दीं और कहा,‘ अब जिनको भी कल दायित्व दिया जाएगा, वह उसका निर्वहन करेंगे । मेरी उनके लिए बहुत शुभकामनांए हैं ।‘ 

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उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से राजनीति में काम कर रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के रूप में काम करने से लेकर उन्होंने उत्तराखंड का मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले पार्टी के संगठन मंत्री के रूप में भी काम किया । मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी द्वारा दिए गए मौके को अपने‘जीवन का स्र्विणम अवसर’बताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा में ही संभव हो सकता है कि एक छोटे से गांव के अति साधारण परिवार में जन्मे एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता को भी सम्मान और सेवा का मौका मिल सकता है । रावत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं के उत्थान और उनके सशक्तिकरण के लिए, बच्चों की शिक्षा के लिए और किसानों के लिए तमाम योजनाएं बनाईं और अगर पार्टी चार वर्ष का मौका उन्हें नहीं देती तो वे इन्हें नहीं ला पाते।

 

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