Friday, Jan 18, 2019

आलोक वर्मा को हटाने पर कांग्रेस बोली- जांच से डरे हुए हैं पीएम मोदी

  • Updated on 1/10/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस ने आलोक वर्मा को सीबीआई् निदेशक पद से हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वर्मा को हटाने के इस कदम से फिर साबित हो गया है कि मोदी राफेल मामले की जांच से डरे हुए हैं।

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पार्टी ने आधिकारिक ट्वीट में कहा, ‘‘अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना आलोक वर्मा को हटाकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दिखाया है कि वह राफेल मामले की किसी भी तरह की जांच से डरे हुए हैं, चाहे वह सीबीआई निदेशक द्वारा जांच हो या जेपीसी की जांच हो।’’

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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की मैराथन बैठक के बाद आलोक वर्मा को गुरुवार को सीबीआई निदेशक पद से हटा दिया गया।

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अधिकारियों ने बताया कि 1979 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में पद से हटाया गया। इसके साथ ही एजेंसी के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले वह सीबीआई के पहले प्रमुख बन गए हैं।

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शिंदे ने मोदी की तुलना हिटलर से की  
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से करते हुए उन पर विपक्ष के अधिकारों को दबाने की कोशिश करने का ओर लगाया। शिंदे का यह बयान मोदी के सोलापुर दौरे के दौरान पुलिस द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कथित पिटाई के एक दिन बाद आया है।

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वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिंदे ने प्रधानमंत्री पर सोलापुर में 'चुनावी भाषण' देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सूखे, धनगर आरक्षण और जनता से जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर बात करने में शर्म आती है। मोदी सड़क परियोजनाओं समेत कई विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाने के लिये बुधवार को पश्चिमी महाराष्ट्र में थे। 

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सोलापुर जिले के रहने वाले शिंदे ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना विपक्ष का अधिकार है। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'भाजपा सरकार खासतौर पर प्रधानमंत्री लोकतंत्र में विपक्ष के प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।' शिंदे ने दावा किया कि पुलिस ने कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई की। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिये।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह लोकतंत्र है या तानाशाही? यहां तक कि हिटलर भी इस तरह की हरकतें नहीं किया करता था।' महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने शिंदे पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह गांधी परिवार से आदेश लेते हैं। उन्होंने कहा कि शिंदे को प्रधानमंत्री की आलोचना का कोई अधिकार नहीं है। 
 

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