Sunday, Oct 17, 2021
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कांग्रेस ने करवाई थी मेरे दादा ज्ञानी जैल सिंह की हत्याः इंदरजीत सिंह

  • Updated on 9/13/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंदरजीत सिंह सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर भाजपा महासचिव व पंजाब के प्रभारी दुष्यंत गौतम, पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और राष्ट्रीय प्रवक्ता आर पी सिंह भी उपस्थित थे।

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद इंदरजीत सिंह ने कहा कि लंबे समय बाद आज उनके दादाजी ज्ञानी जैल सिंह की मनोकामना पूरी हुई है। उन्होंने कहा, ‘जिस तरीके से कांग्रेस ने उनके साथ सलूक किया...उनका दिल दुखाया...उनकी वफादारी का क्या सिला दिया...आप सब जानते हैं।’

उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी वह उसे पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगे। पुरी ने इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच सत्ता को लेकर चल रही खींचतान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां की सरकार केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘आवास योजना हो या आयुष्मान योजना, मुझे समझ नहीं आता कि राज्य सरकार इन्हें क्यों लागू नहीं कर रही है।’ इंदरजीत सिंह का भाजपा में स्वागत करते हुए पुरी ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं तो उन्हें बहुत खुशी हुई।

इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके दादा जी का जानबूझ कर एक्सीडेंट करवा कर उनकी हत्या कराई गई थी। उन्होंने कहा कि उनके स्वर्गीय दादा जी की मनोकामना वर्षों बाद पूरी हुई है। कांग्रेस ने उनकी वफादारी के बावजूद जैसा सलूक किया, उससे उनका दिल दुखा था। उन्होंने कहा, ‘मेरे दादा जी चाहते थे कि मैं भाजपा में जाऊं। उन्होंने मुझे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के पास आशीर्वाद लेने भेजा था।'' इंदरजीत सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर सनसनीखेज आरोप लगाया कि 1994 में उनके दादा जी एवं पूर्व राष्ट्रपति की कार का किसी साजिश के तहत जानबूझ कर एक्सीडेंट कराया गया था जिसके बाद उपचार के दौरान उनका निधन हो गया था।

ज्ञानी जैल सिंह देश के सातवें राष्ट्रपति थे। इस पद पर पहुंचने से पहले वह विधायक, मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी सेवाए दे चुके थे। उनका जन्म पंजाब के फरीदकोट जिले में हुआ था। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। शिरोमणि अकाली दल का भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद इस बार वहां चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं।

भाजपा इस बार अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी जबकि सत्ताधारी कांग्रेस को चुनौती देने के लिए शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है। आम आदमी पार्टी भी राज्य में मजबूती से अपनी जड़ें जमा रही है।

उल्लेखनीय है कि ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति बनने के बाद भी जब कभी पंजाब के आसपास होते थे तो वह आनंदपुर साहिब जाना नहीं भूलते थे। बाद में भी 1994 में तख्त केशगढ़ साहिब जाते समय उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, उन्हें चंडीगढ़ पीजीआइ अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था, जहां उनका निधन हो गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार एवं डाक विधेयक सहित कुछ मुद्दों पर कांग्रेस के तत्कालीन नेतृत्व से उनके मतभेद छिपे नहीं थे।

उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में उस समय के दिग्गज नेता मदनलाल खुराना के साथ कई रैलियों में शामिल हुए लेकिन तब पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आमंत्रण पर वह भाजपा में शामिल हुए हैं और पार्टी जो भी दायित्व देगी, वह उसे पूरी लगन से पूर्ण करेंगे। 

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