Sunday, May 22, 2022
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congress hopes for ''''new consciousness'''' from three-day brainstorming

उदयपुर चिंतन शिविरः तीन दिन के मंथन से कांग्रेस को ‘नवचेतना’ की उम्मीद

  • Updated on 5/13/2022

नई दिल्ली/ शेषमणि शुक्ल। लगातार चुनावी हार से हलकान कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंकने के लिए शुक्रवार से उदयपुर में तीन दिनों तक मंथन करेगी। इस दौरान जरूरी संगठनात्मक बदलाव के साथ मौजूदा सियासी हालात समेत विभिन्न मुद्दों पर भाजपा का कारगर ढंग से मुकाबला करने और आने वाले विधानसभा एवम 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए खुद को तैयार करने पर मुख्य रूप से जोर दिया जाएगा। 

उदयपुर में 13 से 15 मई को होने जा रहे इस चिंतन शिविर के बाद जो ‘नवसंकल्प’ दस्तावेज जारी होगा, वह आगे के कदमों की घोषणा होगी। सूत्रों की मानें तो ने इस शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष के स्तर पर बदलाव को लेकर शायद ही चर्चा हो, क्योंकि इसके चुनाव की घोषणा पहले ही हो चुकी है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक चिंतन शिविर में राजनीति, सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण, अर्थव्यवस्था, संगठन, किसान एवं कृषि तथा युवाओं से जुड़े विषयों पर छह अलग-अलग समूहों में 430 नेता चर्चा करेंगे, यानी हर समूह में करीब 70 नेता शामिल होंगे। 

सुरजेवाला ने कहा कि आज, जब देश प्रजातांत्रिक, आर्थिक और सामाजिक संक्रमणकाल के दौर से गुजर रहा है, तब कांग्रेस एक बार फऱि देश को प्रगति, समृद्धि और उन्नति के पथ पर लाने के लिए एक ‘नव संकल्प’ की दृढ़ प्रतिज्ञा ले रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, अर्थव्यवस्था की स्थिति, देश के समक्ष ख?ी सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन समस्याओं पर पर्दा डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। 

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने चौतरफ़ा धर्मांधता-रूढिवादिता का अंधकार फैलाकर अल्पसंख्यक वर्गों, खास तौर से मुस्लिम, ईसाइयों एवं सिखों को निशाना बना रखा है। समाज में हिंदू-मुस्लिम विभाजन एवं तुष्टिकरण की राजनीति को आधार बनाकर भाजपा चुनावी जीत तलाशती है। 

उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर से जो निष्कर्ष निकलेगा, वह कांग्रेस को न सिर्फ मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से उबार एक नई दिशा देगा, बल्कि भारत के गौरवशाली भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। चिंतन शिविर की शुरुआत 13 मई को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संबोधन के साथ होगी।

इसके बाद छह अलग-अलग समूहों में नेतागण चर्चा करेंगे और फिर इससे निकले निष्कर्ष को ‘नवसंकल्प’ के रूप में कांग्रेस कार्य समिति 15 मई को मंजूरी देगी। राहुल गांधी 15 मई को शिविर को संबोधित करेंगे। शिविर शामिल होने के लिए राहुल गांधी वीरवार को ट्रेन से उदयपुर के लिए रवाना हुए।

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