Wednesday, Oct 05, 2022
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अदानी पावर के साथ समझौते को लेकर हरियाणा की भाजपा सरकार पर बरसी कांग्रेस

  • Updated on 5/1/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को आरोप लगाया कि हरियाणा बिजली संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि मनोहर लाल खट्टर नीत भाजपा सरकार निजी कंपनी अदानी पावर के साथ विद्युत खरीद समझौते को लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय राज्य सरकार गुजरात की एक प्राइवेट कंपनी को प्रतिदिन करीब 114 लाख यूनिट हरियाणा की बिजली भेज रही है। हरियाणा के पूर्व ऊर्जा मंत्री सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि बिजली की अपर्याप्त आपूर्ति की वजह से ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता तथा औद्योगिक क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और रोजाना 12 से 20 घंटे बिजली कटौती हो रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि राज्य को अदानी पावर, मुंद्रा, गुजरात से 2021 से समझौते के तहत 1,424 मेगावाट बिजली नहीं मिल रही है। 

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हालांकि हरियाणा के ऊर्जा मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने बिजली निर्यात के आरोपों को ‘झूठ का पुङ्क्षलदा’ बताकर खारिज कर दिया। सुरजेवाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘खट्टर सरकार अदानी पावर, मुंद्रा, गुजरात द्वारा आपूॢत की जाने वाली 1,424 मेगावाट बिजली में से एक मेगावाट भी प्राप्त नहीं कर सकी है।’’ सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार उलटे प्रतिदिन 114 लाख यूनिट तक बिजली अदानी पावर, गुजरात को दे रही है। उन्होंने कहा कि पहली नजर में तो लगता है कि मुंद्रा, गुजरात को बिजली निर्यात के एवज में हरियाणा के राजकोष में एक भी पैसा नहीं आया।      उन्होंने कहा कि क्या ‘‘हरियाणा के लोग गुजरात में आगामी चुनावों के कारण उस राज्य को हरियाणा की बिजली की आपूॢत के लिए इतनी भीषण गर्मी में 12 से 20 घंटे की असामान्य बिजली कटौती’ का सामना कर रहे हैं।’’  

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सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा की विद्युत कंपनियों ने सात अगस्त, 2008 को अदानी पावर, मुंद्रा, गुजरात से 25 साल तक 2.94 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर पर 1,424 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया था। उन्होंने कहा कि बिजली की आपूर्ति के लिए मुंद्रा, गुजरात में अदानी के विद्युत संयंत्र से महेंद्रगढ़, हरियाणा तक एक विशेष विद्युत लाइन बिछाई गयी थी। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘अदानी पावर के साथ पीपीए होने के बावजूद खट्टर सरकार ने एमबी पावर, मध्य प्रदेश और आरकेएम पावर छत्तीसगढ़ से 5.70 रुपये और 5.75 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर से बिजली खरीद के लिए तीन साल का करार किया।’’ 

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उन्होंने कहा कि नॉर्दन रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) से मिले आंकड़े दर्शाते हैं कि महेंद्रगढ़ (हरियाणा) से मुंद्रा (गुजरात) को बिजली भेजी जा रही है, जबकि मुंद्रा से महेंद्रगढ़ बिजली आनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि एनआरएलडीसी की 9 अप्रैल से 29 अप्रैल की दैनिक रिपोर्ट दर्शाती हैं कि हरियाणा की बिजली उलटा मुंद्रा जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में हरियाणा से 2,356.30 लाख यूनिट बिजली का मुंद्रा निर्यात किया गया। सुरजेवाला ने दावा किया कि एक जनवरी, 2022 से 8 अप्रैल, 2022 के बीच कोई बिजली आपूर्ति नहीं की गयी। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘यह हरियाणा की जनता के अधिकारों पर दिन-दहाड़े डकैती और सरकारी खजाने की लूट है। यह ऐसे में एक अक्षम्य अपराध है, जब हरियाणा के सामने बिजली संकट है। मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।’’ 

उन्होंने कहा कि यह पीपीए हरियाणा सरकार के लिए कानूनी रूप से लागू किये जाने वाला अधिकार है और यह सरकार हरियाणा के हितों को नुकसान पहुंचा रही है तथा राज्य के मुख्यमंत्री जवाबदेह हैं। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा सरकार इतनी असहाय क्यों है कि अपने समझौते को लागू नहीं कर रही।   ऊर्जा मंत्री चौटाला ने कहा कि हरियाणा के बिजली के हिस्से को कहीं भी नहीं भेजा जा रहा। मंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘रणदीप सुरजेवाला अपनी पार्टी के आंतरिक कलह को छिपाने के लिए मीडिया के माध्यम से हरियाणा सरकार के खिलाफ दिये गये अनर्गल बयानों में खुद फंस गये हैं।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘सुरजेवाला के अदानी पावर को मुफ्त बिजली देने के आरोप निराधार हैं और तथ्यों से परे हैं।’’ उन्होंने कहा कि हरियाणा के बिजली के हिस्से को कहीं नहीं भेजा जा रहा। 

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चौटाला ने बिजली की विशेष लाइन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुंद्रा-महेंद्रगढ़ हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट 500 केवी लाइन को 2013 में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग के आदेशों के तहत एक विशेष पारेषण लाइन से बदला गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसे ‘अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली’ में बदला गया है। 14 मई, 2014 को हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल ने भी इस आदेश को मंजूरी दी थी जब रणदीप सुरजेवाला तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कैबिनेट में थे।’’ चौटाला ने कहा, ‘‘कांग्रेस के शासन में ही मुंद्रा-महेंद्रगढ़ हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट लाइन ‘अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली नेटवर्क’ का भाग बन गयी थी।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के हिसाब से बिजली आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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