Thursday, Oct 28, 2021
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जितिन प्रसाद BJP में शामिल, फैसले को राजनीतिक जीवन का नया अध्याय बताया

  • Updated on 6/9/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लंबे समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और युवा नेता जितिन प्रसाद ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए इसे एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा सांसद अनिल बलूनी की मौजूदगी में प्रसाद ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

बलूनी ने इस अवसर पर कहा, ‘भाजपा की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित होकर जितिन प्रसाद भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं। हम उनका स्वागत करते हैं।’ इसके बाद गोयल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई और पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा को उनके अनुभवों का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘जितिन प्रसाद युवा नेता हैं जो जमीन से जुड़े हैं और लोकप्रिय भी हैं। ऐसे कद्दावर नेता की मैं उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी भूमिका देखता हूं।’

भाजपा में शामिल होने के बाद प्रसाद ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी, शाह और नड्डा को धन्यवाद देते हुए प्रसाद ने कहा कि उन्होंने बहुत विचार- मंथन के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, ‘आज से मेरे राजनीतिक जीवन का एक नया अध्याय शुरु हो रहा है।’

भगवा दल में शामिल होने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अनुभव किया कि अगर देश में असली मायने में कोई राजनीतिक दल है तो वह भाजपा ही है। उन्होंने कहा, ‘बाकी दल तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र विशेष के होकर रह गए हैं। आज देश हित के लिए कोई दल और नेता सबसे उपयुक्त है और वह मजबूती के साथ खड़ा है तो वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।’

प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नि:स्वार्थ भाव से भारत की सेवा कर रहे हैं और सभी चुनौतियों का डट कर मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘वह जिस नये भारत का निर्माण कर रहे हैं उसमें मुझे भी छोटा सा योगदान आगे आने वाली पीढिय़ों के लिए करने को मिलेगा। यह विचार करके मैं आज इस निर्णय (भाजपा में शामिल होने के) पर पहुंचा हूं।’

प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस में रह कर वह जनता के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे थे इसलिए वहां बने रहने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘अब भाजपा वह माध्यम बनेगी। एक सशक्त संगठन और मजबूत नेतृत्व है यहां, जिसकी आज देश को जरूरत है। मैं इस वक्त ज्यादा बोलना नहीं चाहता, मेरा काम बोलेगा। अब मैं एक सर्मिपत कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा। जो उद्देश्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का है उसको लेकर भाजपा के एक कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा।’

 

जितिन ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने संप्रग सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने वाले जितिन प्रसाद को 2014 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में तिलहर सीट से हाथ आजमाया लेकिन इसमें भी उन्हें निराशा ही मिली। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी धौरहरा से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

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कौन हैं जितिन प्रसाद?
जितिन प्रसाद, बड़े कांग्रेसी नेता जितेंद्र प्रसाद के बेटे हैं। जितेंद्र प्रसाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हाराव के साथ बतौर उनके राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुके थे। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव साल 2000 में सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ा था, हालांकि इसमें उनको हार का समाना करना पड़ा। साल 2001 में जितेंद्र प्रसाद का निधन हो गया था। 

इसके बाद जितिन भी पिता के मार्ग पर अग्रसर हुए और साल 2001 में ही इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़ गए। 2004 में वो उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर सीट से वो लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। यूपीए-1 की सरकार में जितिन केंद्रीय मंत्री बनने वाले सबसे युवा चेहरे थे।  इसके बाद साल 2009 में जितिन धौरहरा लोकसभा सीट से चुनाव जीते। फिर साल 2014 में जब कांग्रेस का ढलान शुरू हुआ तो इस साल जितिन भी चुनाव हार गए। 

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पार्टी में जितिन को नहीं मिल रही तवज्जो
इसके बाद अब उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथों में कमान गई तो अजय कुमार लल्लू को यूपी कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यूपी कांग्रेस की कई समीतियों में जितिन को नहीं रखा गया है। कई बार पार्टी के इस बर्ताव पर जितिन नारजगी जता चुके हैं। ये पहली बार नहीं है जब जितिन के बीजेपी में शामिल होने की खबर आ रही है। इससे पहले भी जितिन 2019 में बीजेपी में शामिल होने की खबरें आई थी। जिसे बाद में उन्होंने ये करकर खारिज किया मैं काल्पनिक बातों का जवाब नहीं देता। 

 

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