Wednesday, Jun 16, 2021
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राहुल गांधी के विदेश जाने से असहज नए मुखिया की तलाश में कांग्रेस

  • Updated on 12/31/2020


नई दिल्ली, (नवोदय टाइम्स)। नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश जाने से उनकी पार्टी असहज महसूस कर रही है। राहुल का बचाव करना पार्टी के लिए इसलिए मुश्किल हो रहा है कि उन्हें दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की कोशिशें चल रही हैं। किसान आंदोलन जैसे मौके को बीच में छोड़ विदेश जाने से राहुल के नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक क्षमता पर फिर सवाल उठ रहे हैं। इसके चलते नए अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए पार्टी प्लान बी पर भी काम कर रही है।

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कांग्रेस अपने नए मुखिया की तलाश में जुटी है। नए अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि नए साल के पहले महीने में ही नया अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। नए अध्यक्ष के तौर पर एक बार फिर राहुल गांधी का ही नाम चर्चा में है। लेकिन क्या राहुल इसके लिए तैयार हैं, यह अभी तक सवाल बना हुआ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि किसी गैर गांधी को अब पार्टी की कमान दी जानी चाहिए। लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी ने तात्कालिक व्यवस्था के तहत नए पूर्णकालिक अध्यक्ष के चयन तक सोनिया गांधी को ही अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी। अस्वस्थता के चलते सोनिया ने पार्टी को अवगत कराया है कि अब वे आगे इस पद पर रहना नहीं चाहती।

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इस बीच सोनिया ने उन 23 नेताओं के साथ बैठक की, जिन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक संगठन में हर स्तर पर चुनाव कराने की वकालत करते हुए उन्हें चिट्ठी लिखा था। कहा जा रहा है कि बैठक का मकसद राहुल के पक्ष में माहौल तैयार करना था। बैठक में अशोक गहलोत, हरीश रावत, ए.के. एंटनी जैसे नेताओं ने राहुल को अध्यक्ष बनाने पर जोर दिया। लेकिन चिट्ठी लिखने वाले गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी, शशि थरूर जैसे नेता अभी भी चुनाव कराने की पैरोकारी कर रहे हैं। कहीं न कहीं ये नेता राहुल की कार्यप्रणाली को पसंद नहीं करते। उन्हें राहुल में एक गंभीर सियासतदां की कमी दिखती है।

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राहुल गांधी की कार्यप्रणाली को लेकर अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी अपनी किताब में टिप्पणी कर चुके हैं।  हाल ही एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी राहुल की राजनीति सक्रियता को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल के अज्ञातवास पर जाने का मामला पहले भी आ चुका है।

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किसानों के आंदोलन के बीच राहुल का एक बार फिर विदेश चले जाने को इन्हीं सबसे जोड़ते हुए एक बार फिर विरोधी सक्रिय हैं। उन्हें दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की पैरोकारी कर रहे नेताओं को भी सफाई नहीं सूझ रही है। इस बीच कुछ वरिष्ठ नेताओं में सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बात चल निकली है। इसे कांग्रेस का प्लान-बी कहा जा रहा है। अगर राहुल दोबारा अध्यक्ष बनने को तैयार नहीं होते तो संभव है कि पार्टी इसी प्लान पर आगे बढ़े।

 

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