Friday, May 27, 2022
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कांग्रेस में टिकट बंटवारे से नाराज मोहिंदर, चन्नी के भाई निर्दलीय के रूप में लड़ेंगे चुनाव

  • Updated on 1/16/2022


नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी ने आदमपुर विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए रविवार को कहा कि हर चुनाव में पार्टी उनके परिवार को निशाना बना रही है। कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 86 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची के तहत जालंधर की आदमपुर सीट से सुखविंदर सिंह कोटली को टिकट दिया गया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता कोटली पिछले महीने कांग्रेस में शामिल हुए थे।  

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कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख केपी ने कहा कि वह पिछले पांच साल से आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पार्टी ने केवल 20 दिन पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले व्यक्ति को टिकट दे दिया।’’      केपी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब भी चुनाव आते हैं, केपी परिवार को (सीट) बदलकर या टिकट न देकर किसी न किसी तरह निशाना बनाया जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे परिवार ने कुर्बानियां दी हैं और जिन लोगों ने कोई कुर्बानी नहीं दी है, उन्हें तीन-तीन टिकट मिल रहे हैं।’’ केपी ने कहा कि इससे पहले उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था। 

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उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पांच साल तक आदमपुर में काम किया और अब वे कह रहे हैं कि आप यहां से चुनाव नहीं लड़ेंगे।’’ कांग्रेस के एक अन्य नेता बलविंदर सिंह लाडी को श्री हरगोबिंदपुर सीट से टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वह उदास हैं कि टिकट देने का उनसे किया गया वादा पूरा नहीं किया गया। लाडी 28 दिसंबर को विधायक फतेहजंग बाजवा के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद ही वह कांग्रेस में लौट आए। उन्होंने पार्टी आलाकमान से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया। कांग्रेस ने श्री हरगोबिंदपुर विधानसभा सीट से मनदीप सिंह को टिकट दिया है।     

मुख्यमंत्री चन्नी के भाई ने निर्दलीय के रूप में लड़ेंगे चुनाव
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह ने रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा अपने मौजूदा विधायक को मैदान में उतारने के बाद वह अब इस निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे। सिंह बस्सी पठाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर नजर गड़ाए हुए थे। कांग्रेस ने 86 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में शनिवार को बस्सी पठाना (सुरक्षित) सीट से पार्टी विधायक गुरप्रीत सिंह जीपी को टिकट दिया। मनोहर सिंह ने गुरप्रीत सिंह जीपी को टिकट देने संबंधी कांग्रेस के फैसले को निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ ‘‘अन्याय’’ करार दिया और आरोप लगाया कि मौजूदा विधायक ‘‘अक्षम और अप्रभावी’’ है।

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मनोहर सिंह ने कहा, ‘‘बस्सी पठाना क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों ने मुझे निर्दलीय के रूप में लडऩे के लिए कहा है और उन्होंने जो कहा है, मैं उसका पालन करूंगा। वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है और मैं निश्चित रूप से चुनाव लड़ूंगा।’’ सिंह ने पिछले साल अगस्त में खरड़ सिविल अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद से इस्तीफा दे दिया था। सिंह ने एमबीबीएस और एमडी किया है। उनके पास पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्री भी है और उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की है। 

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उन्होंने कहा कि उन्होंने कई पार्षदों, गांव के सरपंच और पंच से मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में चुनाव लडऩे का फैसला किया। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने मुझसे कहा कि उन्हें (गुरप्रीत सिंह जीपी) टिकट देना गलत है। उन्होंने पहले कुछ नहीं किया था और अब उन्हें फिर से थोप दिया गया है।’’सिंह ने कहा कि वह अपने भाई चन्नी से बात करेंगे और उन्हें अपने फैसले के बारे में समझाएंगे। पिछले साल कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने बस्सी पठाना निर्वाचन क्षेत्र में गुरप्रीत सिंह जीपी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया था। पंजाब विधानसभा की 117 सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी। 

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