Sunday, Mar 29, 2020
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जज के ट्रांसफर पर आगबबूला कांग्रेस, मोदी सरकार पर लगाए कई आरोप

  • Updated on 2/27/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में सुनवाई करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मुरलीधर (Justice S Muralidhar) के तबादले पर सवाल खड़े करते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार ने न्याय अवरुद्ध करने का प्रयास किया है।

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जज के ट्रांसफर पर राहुल गांधी का ट्वीट
राहुल गांधी ने दिवंगत न्यायाधीश लोया (Judge Loya) के मामले का उल्लेख किया और केंद्र सरकार (Central Government) पर तंज करते हुए ट्वीट किया, 'बहादुर न्यायाधीश लोया को याद कर रहा हूं कि जिनका तबादला नहीं किया गया था।'

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आधी रात में जज के तबादले से हैरानी- प्रियंका गांधी
वहीं प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने ट्वीट कर कहा, 'न्यायमूर्ति मुरलीधर का मध्यरात्रि में तबादला मौजूदा शासन को देखते हुए चौंकाने वाला नहीं है। लेकिन यह निश्चित तौर पर दुखद और शर्मनाक है।' उन्होंने आरोप लगाया, 'करोड़ों भारतीय नागरिकों को न्यायपालिका पर आस्था है। न्याय को अवरुद्ध करने और लोगों का विश्वास तोड़ने का सरकार का प्रयास निंदनीय है।'

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कांग्रेस ने लगाए बीजेपी नेताओं पर आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) के भड़काऊ भाषण की वजह से ही दिल्ली (Delhi) में हिंसा हुई है। उन्होंने कहा कि विडियो के आधार पर उन नेताओं पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि लोग सवाल पूछते हैं कि क्या बीजेपी नेताओं के खिलाफ निष्पक्ष जांच होगी?

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दिल्ली दंगों की सुनवाई कर रहे जज का ट्रांसफर
दरअसल, दिल्ली हाई न्यायालय के न्यायाधीश एस. मुरलीधर का पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में तबादला कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कुछ दिन पहले ही उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी। न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे थे और यह अधिसूचना ऐसे दिन जारी की गई जब उनकी अगुवाई वाली पीठ ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर 'नाराजगी' जताई थी। विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधान न्यायाधीश से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया। अधिसूचना में हालांकि, यह जिक्र नहीं किया गया है कि न्यायमूर्ति मुरलीधर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में अपना कार्यभार कब संभालेंगे।

गौरतलब है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) के कई हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए उनके साथ बातचीत की। हिंसा में 32 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

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