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कांग्रेस ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना, पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग

  • Updated on 6/14/2020

नई दिल्ली/ शेषमणि शुक्ल। पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस (Congress) ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने बीजेपी (BJP) और मोदी सरकार (Modi Government) को जन विरोधी बताते हुए कहा कि कोरोना काल में बेरोजगारी और आर्थिक मंदी से जीवन के लिए संघर्ष कर रहे गरीब जनता पर बोझ डाल कर भाजपा नीत सरकार मुनाफाखोरी और जबरन वसूली कर रही है।

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डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग
डीजल-पेट्रोल को जीएसटी (GST) के दायरे कांग्रेस ने डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है।पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने रविवार को एक बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए सरकार को डीजल-पेट्रोल और एलपीजी गैस (LPG Gas) की कीमतें अगस्त 2004 के स्तर पर लाना चाहिए।

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उस वक्त कच्चा तेल 40 डालर प्रति बैरल था और देश में पेट्रोल 36.81 रुपये प्रति लीटर, डीजल 24.16 रुपए प्रति लीटर, एलपीजी सिलेंडर 261.60 रुपये में बिकता था। इस वक्त भी जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिर कर 40 डॉलर प्रति बैरल हो चुकी है तब देश में पेट्रोल 75.78 रुपये, डीजल 74.03 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी 593.00 रुपये प्रति सिलेंडर में बेंचा जा रहा है? सुरजेवाला ने कहा कि आज देश कोरोना जैसी महामारी की चपेट में है।

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एक्साइज ड्यूटी को वापस ले
गरीब, प्रवासी श्रमिक, दुकानदार, किसान, छोटे और मध्यम व्यवसायी और बड़ी संख्या में बेरोजगार हुए लोग इस कठिन आर्थिक मंदी और महामारी में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में मोदी-शाह की सरकार को चाहिए कि बीते 6 साल में पेट्रोल और डीजल पर बढ़ाई गयी एक्साइज ड्यूटी को वापस ले ले।सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 8 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 4.52 रुपये और 4.64 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतें बहुत कम हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार तब पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क केवल 9.20 रुपये प्रति लीटर और 3.46 रुपये प्रति लीटर पर था।

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बीते 6 साल में 12 बार पेट्रोल-डीजल पर एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई गई। अब पेट्रोल पर 23.78 प्रति लीटर और डीजल पर 28.37 रुपए प्रति लीटर एक्साईज ड्यूटी वसूली जा रही है। इससे अब तक 17,80,056 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में भरे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज की कठिन परिस्थितियों में जब लोगों का गुजर-बसर मुश्किल हो रहा हो तब किसी भी सरकार को लोगों पर भारी कर लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सस्ता पेट्रोल और डीजल के वायदा करके भाजपा केंद्र की सत्ता में आई थी, लेकिन यह तो जनता को खुलेआम लूटने में लगी है। सुरजेवाला ने कहा कि उत्पाद शुल्क वापस ले लेनेभर से पेट्रोल और डीजल की कीमत 50 रुपये प्रति लीटर से नीचे आ जाएगी।

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