Wednesday, May 18, 2022
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भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भारत-चीन सीमा मुद्दे पर बात करनी चाहिए: कांग्रेस

  • Updated on 11/7/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। चीन के साथ सीमा संबंधी मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने रविवार को सत्तारूढ़ पार्टी को ‘छद्म राष्ट्रवादियों की पार्टी’ करार दिया और पूछा कि क्या भाजपा ‘हमारी सीमाओं पर खतरे’ के बारे में तथा चीन के बढ़ते प्रभाव के बारे में सच बोलेगी। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुंबी घाटी में चीन के सक्रिय होने और अवसंरचना निर्माण करने की एक खबर का उल्लेख किया जिससे पूर्वोत्तर राज्यों को शेष देश से जोडऩे वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर को गंभीर खतरा होने का दावा किया गया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज हम छद्म राष्ट्रवादियों की इस पार्टी की तथाकथित राष्ट्रीय कार्यकारिणी से मांग करते हैं कि चीन पर कुछ बोले और देश को समय-सीमा बताए जिसमें चीन को हमारे क्षेत्र से पीछे हटाया जा सकेगा और आप हमारे पड़ोस में चीन के प्रभाव को कम करने के लिए क्या कर रहे हैं।’’ 

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खेड़ा ने कहा कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम केवल पाकिस्तान और चीन की मदद कर रहे हैं, वहीं भारत अपने पड़ोस में किसी भी घटना की कीमत अदा करता है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, हम इस सरकार से एक भी शब्द नहीं सुनते।’’ उन्होंने यहां भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह छद्म राष्ट्रवादियों से यह पूछने का अवसर है कि क्या वे अपना मुंह खोलेंगे और हमारी सभी सीमाओं पर चीन से बढ़ते खतरे पर कुछ कहेंगे।’’ इससे पहले विधि मंत्री किरण रिजिजू ने भारत-चीन सीमा मुद्दे पर सरकार की ‘प्रामाणिकता’ पर सवाल खड़ा करने वाली कथित विदेशी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। भाजपा नेताओं ने ट्वीट करके दावा किया कि ‘‘कुछ शरारती मीडिया’’ ने बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा कि चीन ने अरुणाचल के अंदर एक गांव बना लिया है और ‘‘फिर हल्के से उल्लेख किया कि ‘1959 में चीन द्वारा अधिग्रहीत क्षेत्र में’। उन्होंने कहा, ‘‘आपका उद्देश्य क्या है?’’ 

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रिजिजू ने कहा कि ये लोग जानबूझकर भारतीय सेना पर भरोसा नहीं करते लेकिन एक विदेशी मीडिया की खबर का बहुत जल्दी हवाला दे दिया ताकि ‘‘देश का मनोबल कम करने के दुर्भावनापूर्ण मकसद से हमारी सरकार की प्रामाणिकता तथा हमारी सेना की ताकत पर सवाल खड़ा करने वाला भ्रामक शीर्षक’’ बन सके। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटनी द्वारा लोकसभा में चीन पर दिये गये बयान का छोटा सा वीडियो एक बार फिर से साझा किया। वीडियो क्लिप 2013 की है जिसके अनुसार एंटनी ने सदन में कहा कि स्वतंत्र भारत में कई सालों से एक नीति है कि सर्वश्रेष्ठ बचाव है, सीमा पर विकास नहीं करना। 

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कांग्रेस ने शनिवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन को दी गई ‘क्लीन चिट’ वापस लेनी चाहिए और इस बारे में माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि मोदी को देश को यह बताना चाहिए कि चीन के साथ लगी सीमाओं पर अप्रैल, 2020 की यथास्थिति कब तक बहाल होगी। खेड़ा ने रविवार को कहा, ‘‘भारत सरकार चुप क्यों है? प्रधानमंत्री अपना मुंह नहीं खोलते और विशेषज्ञों, पूर्व सैनिकों और विपक्ष की नहीं सुनते, बल्कि चीन को क्लीन चिट देते हैं।’’  उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस क्लीन चिट की वजह से देश ने जो भारी कीमत चुकाई है, उसे इतिहास में इस प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी भूल माना जाएगा।’’ 

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खेड़ा ने कहा कि चीन के साथ पिछले साल से अब तक व्यापार में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा के छद्म राष्ट्रवाद को दिखलाता है क्योंकि वे हमारी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन ने भूटान और नेपाल सीमा को जोडऩे वाले राजमार्ग का निर्माण किया है और भूटान के साथ एक एमओयू किया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चीन हमारे हितों के खिलाफ सक्रिय है और पाकिस्तान के अलावा मालदीव, भूटान, नेपाल तथा श्रीलंका के साथ संबंध बढ़ा रहा है और वहां सक्रिय है, फिर भी भारत सरकार चुप है और इसके बजाय क्लीन चिट दे रही है।’’ 

भाजपा लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है : कांग्रेस
कांग्रेस ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर लोगों को 'आत्मघाती अवसाद’’से ग्रस्त होने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया और इसके साथ ही राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2014 से अब तक कुल 9.52 लाख लोग आत्महत्या कर चुके हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा कि रिपोर्ट के अनुसार आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या में 55 प्रतिशत, ऐसे बेरोजगारों की संख्या में 58 प्रतिशत और किसानों, मजदूरों तथा दिहाड़ी मजदूरों की संख्या में 139.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘2014 से 2020 के बीच पिछले सात साल के दौरान मोदी सरकार की नाकाम और संवेदनहीन नीतियों से 9,52,875 भारतीय आत्महत्या करने को मजबूर हुए।’’ उन्होंने कहा, 'आज सरकार अपनी नाकाम जनविरोधी नीतियों को छिपाने की कोशिश में लोगों के बीच विभाजन, नकारात्मकता, निराशा को बढ़ावा दे रही है।'

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सुरजेवाला ने कहा कि इतने खराब आंकड़ों के बावजूद, सत्ता के प्रति भाजपा की ‘ललक’ बनी हुयी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े 'डरावने और दिल दहला देने वाले' हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने पिछले महीने‘भारत में आत्महत्या और दुर्घटना से होने वाली मौतें’शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की थी। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि समाज के हर तबके के तरक्की के अवसरों को मोदी सरकार ने अवसाद में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा, 'बेरोजगारी की निराशा, महंगाई, फसलों की बढ़ती कीमतों और समग्र अनिश्चितता का सामना करते हुए देश के लोग आत्महत्या का विकल्प चुनकर मौत को गले लगा रहे हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि गृहिणियां लगातार महंगाई का खामियाजा भुगत रही हैं और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कि महंगाई और रोजगार के अवसरों की कमी घरेलू कलह के मुख्य कारण हैं और इस वजह से गृहिणियां आत्महत्या का रास्ता चुन रही हैं।

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