Sunday, Nov 28, 2021
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कांग्रेस ने नक्सली हमले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा

  • Updated on 4/5/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि जब सीआरपीएफ के जवान शहीद हो रहे थे, उस वक्त शाह तमिलनाडु एवं केरल में रोडशो कर रहे थे तथा इस घटना के 24 घंटे बाद तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि क्या ऐसे गृह मंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है? 

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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 22 जवान शहीद हो गए तथा 31 अन्य जवान घायल हुए हैं। सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब से अमित शाह गृह मंत्री बने हैं तब से देश में 5213 नक्सली घटनाएं हुई हैं। इनमें 1416 लोगों की मौत हुई जिनमें हमारे वीर जवान भी शामिल हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का हमला होने के 24 घंटे बाद तक देश के गृह मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब हमारे जवान नक्सलियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो रहे थे तब शाह तमिलनाडु में रोडशो और केरल में जनसभा कर रहे थे।’’ 

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कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया, ‘‘क्या देश का गृह मंत्री अपने कर्तव्य से इतना विमुख हो सकता है? क्या ऐसे गृह मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार है?’ उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलवाद से निपटना सीधे गृह मंत्री की जिम्मेदारी है... एक गृह मंत्री (शिवराज पाटिल) ने सिर्फ कपड़े बदल लिए थे तो पत्रकारों ने उनका इस्तीफा मांग लिया। एक गृह मंत्री ये हैं जो हमला होने के 24 घंटे बाद तक रोडशो और रैलियां करते हैं।’’ सुरजेवाला ने यह भी कहा, ‘‘नक्सलवाद के खिलाफ भारत सरकार जो भी कदम उठाएगी, कांग्रेस पार्टी उसका समर्थन करेगी। हम हमेशा अपने जवानों के साथ खड़े रहेंगे।’’

राहुल का आरोप: योजना सही ढंग से नहीं बनाई गई
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की सही तरीके से तैयारी नहीं की गई और इसका क्रियान्वयन भी ‘अयोग्यतापूर्वक’ किया गया। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमारे जवानों को जब चाहे तब शहीद होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।’’ गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 22 जवान शहीद हो गए हैं तथा 31 अन्य जवान घायल हुए हैं। 

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राहुल गांधी ने सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह के एक बयान से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए ट््वीट किया, ‘‘अगर खुफिया नाकामी नहीं थी तो फिर 1:1 के अनुपात में मौत का मतलब यह है कि इस अभियान की योजना को खराब ढंग से तैयार किया गया तथा अयोग्यतापूर्वक इसका क्रियान्वयन किया गया।’’ 

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उन्होंने यह भी कहा, ‘‘किसी भी भारतीय जवान को 21 वीं सदी में शारीरिक सुरक्षा कवच के बिना दुश्मन का सामना नहीं करना चाहिए। यह हर सैनिक को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।’’ उधर, अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में शहीद हुए 22 जवानों में सीआरपीएफ के आठ जवान शामिल हैं, जिसमें से सात कोबरा कमांडो से जबकि एक जवान बस्तरिया बटालियन से है। शेष डीआरजी और विशेष कार्यबल के जवान हैं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर अब भी लापता हैं। 

 

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