Thursday, Feb 09, 2023
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controversy over ad in wall street journal against modi government

मोदी सरकार के खिलाफ वॉल स्ट्रीट जर्नल में विज्ञापन से विवाद

  • Updated on 10/17/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में मोदी सरकार के खिलाफ छपे एक विज्ञापन से विवाद पैदा हो गया है। यह विज्ञापन ऐसे समय में जारी किया गया है, जब वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अमरीका दौरे पर हैं। वह सोमवार को वापसी करेंगी।

 इस विज्ञापन में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, सुप्रीम कोर्ट के जजों, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और देवास-एंट्रिक्स मामलों से जुड़े अधिकारियों को वांटेड बताते हुए उन पर अमरीका में प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

इस विज्ञापन में कहा गया है कि मिलिए उन अधिकारियों से जिन्होंने भारत को निवेश के लिए एक असुरक्षित जगह बना दिया है। इस विज्ञापन को शीर्षक दिया गया है ‘मोजीड मैग्नित्सकी 11’ और इन 11 अधिकारियों के चित्र देकर इन पर प्रतिबंध की मांग की गई है। 

मैग्नित्सकी का मतलब:

अमरीकी सरकार के 2016 के ग्लोबल मैग्नित्सकी कानून के अनुसार उन विदेशी सरकार के अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, जिन्होंने मानवाधिकार का उल्लंघन किया हो। इस विज्ञापन में कहा गया है कि मोदी सरकार के इन अधिकारियों ने राज्य की संस्थाओं को राजनीतिक और व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियो के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया है।

इन्होंने कानून का शासन खत्म कर दिया है और भारत को विदेशी निवेशकों के लिए असुरक्षित बना दिया है। इसलिए अमरीकी सरकार इनके खिलाफ आर्थिक और वीजा प्रतिबंध लगाए।

कौन है विज्ञापन जारी करने वाले:

अमरीका की एक गैर सरकारी संस्था फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम ने यह विज्ञापन जारी किया है। इसी साल अगस्त में इस संस्था ने ग्लोबल मैग्नित्सकी ह्यूमन राइट्स एकाउंटेबिलिटी कानून के तहत याचिका भी दायर की थी। 

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