Friday, May 14, 2021
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भाजपा शासित गुजरात में कोरोना मामलों में इजाफा, शमशानों में लगीं लंबी कतारें 

  • Updated on 4/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गुजरात में बीते एक सप्ताह से शमशानों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिसके चलते कोविड-19 या अन्य रोगों के कारण जान गंवाने वाले लोगों के संबंधियों को उनके अंतिम संस्कार के लिये घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि हिंदू धर्म में आमतौर पर सूरज ढलने के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता। लेकिन इन दिनों शमशानों में शवों की भारी संख्या के चलते लोगों को रात में भी अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। 

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सूरत शहर के उमरा इलाके के एक शमशान में दो दिन पहले रात के समय एक साथ 25 शवों का लकडिय़ों से बनी चिताओं पर अंतिम संस्कार किया गया। वडोदरा में भी शमशानों में भीड़ बढऩे के कारण लोगों को रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। वडोदरा नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष हितेन्द्र पटेल ने  को यह जानकारी दी।     

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हालात से निपटने और इंतजार के घंटे कम करने के लिये अधिकारियों ने कुछ शमशानों में लोहे की चिताओं का भी इंतजाम किया है। साथ ही जिन शमशानों में अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा था, उन्हें भी खोल दिया गया है। अहमदाबाद शहर में कुछ मृतकों के परिजनों ने दावा किया कि उन्हें शमशान में आठ घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। यहां दो मुख्य शमशानों वाडाज और दुधेश्वर में बीते कुछ दिन में भारी भीड़ देखने को मिली है। 

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वाडाज शमशान में मंगलवार को अपने संबंधी के अंतिम संस्कार के लिये कतार में खड़े एक व्यक्ति ने पत्रकारों से कहा कि सुबह आठ बजे से दोपहर तक सात शव लाए जा चुके हैं। उसने कहा कि हमें अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। हम अपने संबंधी के अंतिम संस्कार के लिये सुबह जल्दी आ गए थे, जिसके चलते शाम हमारी बारी आ सकी। अहमदाबाद के दुधेश्वर इलाके के शमशान में भी लोग ऐसी ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं। 

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कोविड-19 से जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के संबंधी जयदीपसिंह परमार ने कहा कि पहले तो उन्हें शव को शमशान लाने के लिये एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा और उसके बाद अंतिम संस्कार के लिये आठ घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। उन्होंने कहा,‘‘एक व्यक्ति को औसतन आठ से नौ घंटे प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।‘‘ 

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इस समस्या के समाधान के लिये वडोदरा नगर निगम ने हाल ही में और अधिक शवों के अंतिम संस्कार के लिये धातु की बनी 35 नयी चिताएं लगाई हैं। नगर निकाय की स्थायी समिति के प्रमुख हितेन्द्र पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा,‘‘पहले हमने कोविड-19 से जान गंवाने वालों के अंतिम संस्कार के लिये वडोदरा शहर में चार शमशानों को अनुमति दी थी। भीड़ को देखते हुए हमने दो दिन पहले आठ अन्य शमशानों को भी अनुमति दे दी।‘‘

 

 

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