Sunday, Mar 07, 2021
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corona csir and ccmb research claims the whole world needs only one vaccine prshnt

कोरोना: CSIR और CCMB के शोध में दावा, पूरी दुनिया को एक ही वैक्सीन की है जरूरत

  • Updated on 9/25/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दुनिया में जारी कोरोना (Coronavirus) कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार हो रहे शोध के नतीजे चौंकाने वाले सामने आए हैं। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद(Council of Scientific and Industrial Research) के वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत और दुनिया में पाए जा रहे कोरोना का क्लैड 70 प्रतिशत तक मिलता-जुलता है।

ऐसे में दुनिया भर में फैले वायरस की अनुवांशिक संरचना में समानता है और इसका अर्थ है कि इस नियंत्रण में करने के लिए अलग अलग वैक्सीन की जरूरत नहीं होगी।

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ट्रायल से गुजर रहे वैक्सीन वायरस को खत्म करने के लिए पर्याप्त होगी
बता दें कि सीएसआईआर की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर-सीसीएमबी के वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे अध्ययन में यह बात उभर कर सामने आई है। ऐसे हालातों में दुनिया भर में ट्रायल से गुजर रहे वैक्सीन या दवा इस वायरस को खत्म करने के लिए पर्याप्त होगी।

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कोरोना वायरस का एटूए क्लैड सबसे अधिक कहर ढा रहा
वैज्ञानिकों के अनुसार बीमारियों के लिए जिम्मेदार वायरस अलग अलग क्लैड या अनुवांशिक समूह से संबंधित होते हैं। इसलिए वायरस के अलग-अलग अनुवांशिक समूहों को खत्म करने के लिए अलग अलग तरह की वैक्सीन की जरूरत होती है। कोरोना को लेकर शोध में पाया कि कोरोना वायरस का एटूए क्लैड सबसे अधिक कहर ढा रहा है।

कोरोना वायरस के जीनोम का अध्ययन कर रहे सीसीएमबी के वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया में वायरल जीनोम में समानता का मतलब है कि ए टू ए क्लैड को नियंत्रित करने वाली कोई भी एक वैक्सीन या दवा पूरे विश्व में समान प्रभाव के साथ काम करेगी।

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