Thursday, Jun 17, 2021
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महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश में दी ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण ने दस्तक

  • Updated on 5/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र के बाद अब मध्य प्रदेश में ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण ने दस्तक दे दी है। मप्र के दमोह जिले में कोविड-19 से मुक्त हुए चार व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस का संक्रमण पाया गया है। कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस संक्रमण के मामले आ रहे हैं, जिसे‘ब्लैक फंगस’के नाम से जाना जाता है। हालांकि, ये बहुत ही कम लोगों में आ रहे हैं। यह एक गंभीर लेकिन दुर्लभ फंगस संक्रमण है। दमोह जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश राय ने बताया, ‘‘दमोह जिले में अभी तक ऐसे चार मरीज सामने आए हैं, जो ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण का शिकार हुए हैं।’’ उन्होंने बताया कि इन मरीजों को नागपुर, जबलपुर ,भोपाल और इंदौर भेजा गया है। 

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वहीं, इस संबंध में दमोह जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी ने कहा कि ‘ब्लैक फंगस’ रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की जरूरत होती है, लेकिन यह इंजेक्शन फिलहाल दमोह में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर भेजा गया है।’’ 

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साइनस की परेशानी, नाक का बंद हो जाना, दांतों का अचानक टूटना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, नाक से काले रंग का पानी निकलना या खून बहना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण हैं। महाराष्ट्र एवं गुजरात में कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस के अब तक कई मामले सामने आये हैं, जिसके चलते कई रोगी ²ष्टिहीन हो गए हैं या उन्हें अन्य गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। 

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पुणे में ‘ब्लैक फंगस’ के 270 मामले
महाराष्ट्र के पुणे जिले में म्यूकरमाइकोसिस के करीब 270 मामले आने के बाद सरकार के एक कार्यबल ने अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साइनस की परेशानी, नाक का बंद हो जाना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण हैं। पुणे संभाग के संभागीय आयुक्त सौरभ राव ने बताया कि जिले के विभिन्न अस्पतालों में इस तरह के संक्रमण के अब तक करीब 270 मामले आ चुके हैं। 

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 उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संभागीय कार्यबल के सदस्य डॉ. भरत पुरंदरे ने म्यूकरमाइकोसिस के प्रबंधन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है।’’ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राव ने बताया, ‘‘राज्य में सभी अस्पतालों के लिए मानक संचालन प्रकिया जारी की गयी है। हमने अस्पतालों से एसओपी में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।’’ म्यूकरमाइकोसिस से पुणे जिले में मृत्यु दर के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा कि इस संबंध में आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। नोबेल अस्पताल के डॉ अभिषेक घोष ने कहा, ‘‘कोविड-19 की दूसरी लहर में इसके ज्यादा मामले आ रहे हैं।’’ 

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