Friday, May 14, 2021
-->
corona-havoc-rising-rapidly-in-delhi-record-11491-new-cases-in-one-day-72-deaths-prshnt

दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा कोरोना कहर, एक दिन में रिकॉर्ड 11491 नए मामले, 72 मौतें

  • Updated on 4/13/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली में सोमवार को कोविड-19 (Covid-19) के अब तक के सर्वाधिक 11,491 नए मामले आए और 72 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमण दर बढ़कर 12.44 प्रतिशत हो गई है, जो एक दिन पहले 9.43 प्रतिशत थी। 21 नवम्बर के बाद सबसे ज्यादा संक्रमण दर है, जबकि 128 दिन बाद एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। 5 दिसम्बर को एक दिन में 77 मौतें हुई थीं। इससे एक दिन पहले ही 10,774 नए मामले आए थे। इस वजह से पिछले 2 दिनों में ही कोरोना से 22,265 लोग पीड़ित हो चुके हैं। इसके चलते सक्रिय मरीजों की संख्या 38 हजार को पार कर गई है और मरीजों के ठीक होने की दर घटी है। वहीं, दो दिन में ही 120 लोगों की मौत हो चुकी है।

‘स्पूतनिक वी’ को लेकर कांग्रेस का कटाक्ष: ‘अयोग्य’ सरकार ने कुछ सीख तो ली 

दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 92397 टेस्ट किए गए और सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 380951 हो गई है। अब तक कोविड-19 के 11355  मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। थोड़ी राहत की बात है कि एक दिन में 7665 मरीज ठीक भी हुए हैं लेकिन कई दिनों से नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या कम होने से कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अब तक 736688 लोग कोरोना से संक्रमित हुए और इनमें से 6872381 लोग कोरोना वायरस को मात दे चुके हैं। वहीं, दिल्ली में कुल मृत्यु दर 1.54 प्रतिशत है। दिल्ली के कोविड अस्पतालों के कुल 12008 बेड में से 5068 बेड खाली हैं। 

Vaccination: स्पूतनिक को भी मंजूरी, देश में तीसरे टीके का भी खुला मार्ग

हॉटस्पॉट जोन की संख्या बढ़कर हुई 6175
दिल्ली के अस्पतालों में 6940, कोविड केयर सेंटर में 241, कोविड हेल्थ सेंटर में 69 और होम आइसोलेशन में 19354 मरीज इलाज करवा रहे हैं। अस्पतालों और होम आइसोलेशन में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी रही है। वेंटिलेटर और आईसीयू में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हॉटस्पॉट जोन की संख्या बढ़कर 6175 हो गई है, जबकि एक दिन पहले ही यह संख्या 5705 थी। एक दिन में ही 470 हॉटस्पॉट जोन बढ़ गए हैं। बता दें कि पिछले साल दिल्ली में जून में काफी गंभीर स्थिति हो गई थी। इसके बाद सितम्बर में फिर केस बढ़े और नवम्बर में कोरोना वायरस ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए। मगर नवम्बर के बाद से दिल्ली में स्थिति काफी अच्छी हो गई थी लेकिन बीते 20 दिनों से एक बार फिर दिल्ली में नए केस के साथ संक्रमण दर और सक्रिय मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात लगातार खराब हो रहे हैं। 

ममता पर बैन से बौखलाई TMC, कहा- BJP ब्रांच की तरह बर्ताव कर रहा है चुनाव आयोग

सरकार की अपील: दिल्ली वाले बरतें पूरी सावधानी
बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी सावधानी बरतें, कोविड के लिए जारी प्रोटोकाल का पालन करें, बहुत जरूरी होने पर ही अस्पताल जाएं और पात्र लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं। एक आपात बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दिल्ली में कोरोना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने  दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों पर गंभीर चिंता जताई और कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने के साथ ही संक्रमित लोगों को अच्छा से अच्छा इलाज मुहैया कराने की बात कही। 

सिसोदिया ने किया साफ- AAP गोवा में किसी से नहीं करेगी गठबंधन 

मुख्यमंत्री ने की दिल्लीवासियों से अपील 
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना केस के मामले में प्रतिदिन एक नया रिकार्ड  बना रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड के बेड युद्ध स्तर पर बढ़ाए जाएं। हमें अभी अस्पताल प्रबंधन को पिछले साल नवंबर माह में आई लहर के समय के स्तर पर लेकर जाना है। मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं, लेकिन आप में कोरोना के लक्षण हल्के हैं या बहुत कम है, तो आप घर पर रह कर ही होम आइसोलेशन में इलाज कराएं।

इस दौरान सरकार के डॉक्टर कई बार फोन करके आपके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे और अगर आपको अस्पताल की जरूरत पड़ती है तो तत्काल अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जो लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पात्र हैं, वे लोग सेंटर पर जाकर अवश्य वैक्सीनेशन कराएं, स्वास्थ्यमंत्री सत्येन्द्र जैन ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर कहा कि जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर अस्थायी कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। 

45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को टीका लगाने के फैसले को कोर्ट में चुनौती 

तीन फीसद लोगों को ही वेंटिलेटर की जरूरत
हमने पिछले सप्ताह 5 हजार बेड बढ़ाए और अस्पतालों में अभी 50 फीसद बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि हर एक मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत नहीं होती है। सिर्फ दो से तीन फीसद लोगों को ही वेंटिलेटर की जरूरत होती है। होता यह है कि अगर वेंटिलेटर बेड पर कोई मरीज है और उसे वेंटिलेटर की जरूरत नहीं भी है, तब भी उसे वेंटिलेटर बेड में दर्ज किया जाता है लेकिन वास्तव में वेंटिलेटर बेड पर बहुत ही कम मरीज हैं। उन्होंने कहा कि बुराड़ी अस्पताल में 30 मरीज हैं, जो वेंटिलेटर बेड के ऊपर हैं, लेकिन वास्तविकता में वेंटीलेटर पर एक भी मरीज नहीं हैं। 

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें... 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.