Sunday, Oct 02, 2022
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corona infected person becomes a corona warrior

अस्पताल में मरीजों के लिए फरिश्ता बना संक्रमित व्यक्ति, कोरोना योद्धा बनकर लोगों तक पहुंचाई मदद

  • Updated on 7/2/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस का कहर थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इसी बीच कई लोग ऐसे भी हैं जो पूरे कोरोना काल के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना मरीजों की सहायता करते रहे। जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदों तक खाना भी पहुंचाते रहे। इस दौरान वो कोरोना से संक्रमित भी हो गए लेकिन फिर भी उनके मदद करने की लालसा शांत नहीं हुई। 

ऐसी ही एक कहानी है दिल्ली के करावल नगर इलाके में रहने वाले लाल सिंह रावत की। लाल सिंह रावत जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाते पहुंचाते खुद संक्रमित हो गए। संक्रमण के बाद उन्हें लोक नायक अस्पताल में भर्ती के लिए ले जाया गया। वहां अस्पताल में मरीजों की देखभाल में जुटे रहे।

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लॉकडाउन के दौरान पाए गए थे संक्रमित
लाल सिंह रावत दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र दयालपुर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। रावत लॉकडाउन के दौरान बिना किसी आर्थिक सहयोग और नेताओं के मदद के बिना ही जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाते थे। उस दौरान वह किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ गए। जिसके बाद उन्होंने अपना जांच कराया तो टेस्ट पॉजिटिव आया। पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हो गए। लाल सिंह रावत बताते हैं कि अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहे व्यवहार को देखकर दंग रह गए। उन्होंने बताया कि मरीजों की ठीक से देखभाल नहीं हो पा रही थी। इसके बाद लाल सिंह रावत ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया।

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लोगों का विश्वास बनें रावत
संक्रमित मरीजों तक खुद ही खाना व दवा पहुंचाने लगे। ऐसी स्थिति में जहाँ लोग अपने जीवन की आस खो रहे थे वहीं लाल सिंह रावत ने गजब का हौसला दिखाते हुए विपरीत परिस्थितियों के बावजूद संक्रमित हुए व्यक्तियों की मदद में लग गए। जहाँ आवश्यक पी पी ई किट पहन कर भी कोविड 19 के वारियर्स के मन में भय बना हुआ था वहीं लाल सिंह रावत बिना आवश्यक उपकरणों के अपनी सेवाओं से सबका दिल जीत रहे थे व मरीजों की सेवा कर रहे थे।

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मरीजों का हौसला बढ़ाते दिखे
इतना ही नहीं लाल सिंह रावत अपनी सेवा के दौरान कोरोना से संक्रमित मरीजों का मनोबल और हौसला भी बढ़ाते थे।उन्होंने अपने सेवा कार्यों से अस्पताल के सभी मरीजों और चिकित्सा कर्मियों का दिल जीत लिया। उनके इस कार्य की चिकित्सा कर्मियों ने भी बहुत सराहना की और उनके जज्बे को सलाम किया। लाल सिंह रावत ने अपने साहस, सेवा, समर्पण व कभी ना हार मानने वाले जज्बे का जिस तरह से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी वह हम सब के लिए अनुकरणीय है।

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रावत की कहानी ने देश को एक नई दिशा दी 
लाल सिंह रावत अपना प्लाज्मा दान कर दूसरों को बचाने आगे आये और ये वक्त देशभक्ति दिखाने का बढि़या अवसर है। लाल सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि अगर किसी जरुरत मंद व्यक्ति को प्लाज्मा डोनेशन की आवश्यकता है तो मुझसे संपर्क करे। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए इस समय प्लाज्मा डोनेशन एक महादान है और एक सच्च्ची देश भक्ति है। लाल सिंह रावत ने बताया कि उनके पास इस पोस्ट के बाद बहुत सारे कॉल आए। उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल साकेत में अपना प्लाज्मा डोनेट किया।

इन सब के बावजूद भी रावत का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रशासनिक मामले ने उनके और उनके परिवार की न ही कोई मदद की और न ही  सुध ली। कुछ मित्रों और पड़ोसियों ने हमसे लगातार संपर्क बनाए रखा और आश्वासन दिया, इन्हीं लोगों की सहानुभूति से उन्होंने खुद को संभाला और अपने सेवा कार्यों में व्यस्त रहे। लाल सिंह रावत के मदद की लालसा ने क्षेत्र ही नहीं पूरे देश को एक नई दिशा दी है।

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