Friday, Apr 23, 2021
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Corona new strain growing rapidly infection spread in 86 countries so far prshnt

तेजी से बढ़ रहा है कोरोना नया प्रकार, अब तक 86 देशों में फैला संक्रमण

  • Updated on 2/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दुनिया में एक ओर जहां कोरोना (Coronavirus) संक्रमण कहर जारी है वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस का नया प्रकार भी तेजी से पैर पसार रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस का नया प्रकार 86 देशों में फैल चुका है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोरोना वैरिएंट बी.1.1.7, अबतक 86 देशों में फैल चुका है ये पहली बार 20 सितंबर को ब्रिटेन में पाया गया था। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस का यह नया प्रकार तेजी से फैल रहा है। साथ ही शुरुआती निष्कर्षो के आधार पर रोग की गंभीरता में लगातार बढ़ोत्तरी के संकेत मिले हैं।

डब्ल्यूएचओ ने सात फरवरी तक छह और देशों मेंकोरोना के नए प्रकार के मामलों की सूचना दी है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, उदाहरण के तौर पर ब्रिटेन की बात करें तो नए वैरिएंट के सैंपल जांच 14 दिसंबर के सप्ताह में 63 प्रतिशत से बढ़कर 18 जनवरी के सप्ताह में 90 प्रतिशत हो गए हैं।

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दो अतिरिक्त कोरोना के प्रकार
वहीं बताया जा रहा है कि डब्ल्यूएचओ दो अतिरिक्त कोरोना के प्रकार पर भी निगरानी कर रहा है जो सक्रिय रूप से फैल रहे हैं। ये इ.1.351 शुरू में दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था और पी.1 स्ट्रेन को पहली बार ब्राजील में मिला। डब्ल्यूएचओ ने कहा, 7 फरवरी तक 44 देशों में इ.1.351 स्ट्रेन के मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि 15 देशों में पी.1 स्ट्रेन पाए गए हैं।

बता दें कि पूरे विश्व में आंतक मचा रहे कोरोना वायरस की जांच के लिए चीन (China) के वुहान प्रांत में पहुंची विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम ने वहां के लैब की भी जांच की। इस जांंच के बाद एक विशेषज्ञ ने कहा कि चीन की एक प्रयोगशाला से कोरोना वायरस के फैलने की संभावना नहीं है। इसने किसी जंतु के जरिए मानव शरीर में प्रवेश किया होगा।

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पीटर बेन ने वायरस को लेकर कहा ये
डब्ल्यूएचओ के खाद्य सुरक्षा एवं जंतु रोग विशेषज्ञ पीटर बेन एम्बारेक ने मध्य चीन के शहर वुहान में कोरोना वायरस के संभावित तौर पर उत्पन्न होने के विषय की वैज्ञानिकों की टीम द्वारा की गई जांच के संपन्न होने पर एक आकलन में यह कहा। गौरतलब है कि विश्व में वुहान में ही दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामना आया था। वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी ने वायरस के व्यापक स्तर पर नमूने एकत्र किए थे, जिसके चलते ये अप्रामाणित आरोप लगाये गये थे कि वायरस वहीं से आसपास के वातावरण में फैला होगा।

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