Thursday, Jun 24, 2021
-->
Corona virus Covid 19 China Research BP patient  SOBHNT

कोरोना को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, बीपी की मरीजों पर वायरस का असर होगा कम

  • Updated on 5/1/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पढ़े और उसके बाद 30 वर्षों तक काम का अनुभव रखने वाले डॉ. वी एस उपाध्याय ने दावा किया है बीपी की दवा खाने वाले मरीजों कोरोना वायरस से अन्य की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं। इन्होंने बीएचयू से एमबीबीएस किया है। 

कोरोना संकट में मोदी सरकार के लिए फायदेमंद हो सकते हैं राहुल, रघुराम के ये 7 सुझाव

चीन में हुई थी रिसर्च
उन्होंने चीन में हुए एक परीक्षण का हवाला देते हुए कहा कि अप्रैल में आई एक सर्कुलर रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक चीन के 9 अस्पतालों में 1128 मरीजों पर परीक्षण में यह बात सामने आई है कि बापी की दवा खाने वाले मरीजों पर यह वायरस ज्यादा प्रभाव नहीं डाल पा रहा है।

बिहार के प्रवासी मजदूरों और छात्रों का घर वापसी नहीं हैं आसान! करना होगा फिलहाल इंतजार

बीपी की दवा खाने वालों को नहीं होगा कोरोना
डॉ. उपाध्याय ने इसके पीछे का तर्क देते हुए कहा है कि कोरोना वायरस हमारे फेफड़े में रिसेप्टर पर हमला करता है। वह बताते हैं कि जो लोग बीपी की दवाएं खाते हैं उनका रिसेप्टर पहले से ही दवाओं की वजह से ब्लॉक रहता है। इसलिए यह उनके रिसेप्टर पर हमला नहीं कर पाता है और यही कारण है कि अन्य मरीजों की तुलना में ऐसे मरीजों की मौत 70 फीसद तक कम  होती है।

बॉलीवुड ने मात्र 22 घंटों में खोए दो बड़े दिग्गज अभिनेता, इरफान और ऋषि कपूर को फैंस ने ऐसे कहा अलविदा

80 फीसद नही होते हैं सीरियस
इसके अलावा डॉ. उपाध्याय यह भी बताते हैं कि कोरोना के आने  वाले मरीजों में 20 फीसद ही सीरियस होते हैं। यानि 80 फीसद ऐसे होते हैं जिनकी हालत ज्यादा गंभीर नहीं होती है। ऐसे लोगों को एंटी  कोविड दवाओं के माध्यम से ही ठीक कर लिया जाता है। वहीं 15 प्रतिशत को ही ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा 5 प्रतिशत ही मरीजों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है। 
 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

comments

.
.
.
.
.