Friday, Apr 10, 2020
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कोरोना वायरस: जनता कर्फ्यू के बीच थाली-ताली मुहिम सोशल मीडिया पर वायरल, उठे सवाल

  • Updated on 3/23/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता कर्फ्यू की अपील को लेकर 22 मार्च को जहां उत्साह देखा गया, वहीं कुछ लोगों की बचकाना हरकतों ने सवाल भी खड़े कर दिए। बता दें पीएम मोदी ने कोरोना से लड़ने के लिए जनता कर्फ्यू के बीच उन लोगों के लिए थाली-ताली बजाने का आह्वान किया था, जो खतरनाक वायरस से लड़ने में जान जोखिम में डालकर मानव समाज की सेवा में लगे हैं। लेकिन, इस मुहिम की जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, उसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। 

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पीएम मोदी की अपील को कुछ लोगों ने कुछ ज्यादा उत्साह के साथ लिया और सड़कों पर उतर गए। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने भीड़ के बीच खूब थाली-ताली बजाईं और गंभीरता से लेने वाले मुद्दे को भी जश्न में तब्दील कर दिया। अब ऐसे लोगों को सोशल मीडिया में खूब मजाक भी उड़ रहा है। इसके साथ ही इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। राजनेताओं ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कटाक्ष किया है कि समस्या को समारोह बनाना कोई नरेंद्र मोदी से सीखे।

दरअसल, जनता कर्फ्यू की अपील इसलिए हुई थी कि लोग घरों में रहकर सोशल डिस्टेंसिंग करें और कोरोना जैसी ग्लोबल महामारी से निपटने के  लिए लोगों का उत्साह बढ़ाएं। लेकिन, कुछ लोगों ने दिल्ली, इंदौर, अहमदाबाद और देश के दूसरे हिस्सों में सड़कों पर उतरकर भीड़ में उतर कर मुहिम का मजाक उड़ाया, उससे वे हंसी का पात्र भी बन गए हैं। इसके वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे हैं। वैसे देश में जनता कर्फ्यू शुरुआती घंटों में काफी सफल रहा, लेकिन शाम को माहौल जश्न में भी बदल गया। लोगों ने ऐसा जश्न मनाया कि कोई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर ली गई हों। ऐसे सिरफिरे लोगों ने जनता कर्फ्यू का मजाक भी उड़वा दिया। 

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पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रखा था। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई थी कि वे 5 बजते ही अपने घर में ही थाली-ताली और घंटियां बजाएं। लेकिन, कुछ लोग इस दौरान हाथ में तिरंगा लेकर घरों से बाहर आ गए और अगले कुछ घंटों तक ढोल की थाप पर सड़कों पर खूब नाचे। उन्होंने किसी तरह की सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखी और कोरोना का भय उनमें नहीं देखने को मिला। 

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लोगों के जश्न अंदाज ऐसा था कि उन्होंने कोरोना को भारत में मात दे दी हो। हैरानी की बात यह थी कि कुछ हिंदूवादी नेताओं ने तो ताली-थाली और घंटियों की आवाज को धर्म से जोड़ते हुए वायरस खत्म करने वाला भी करार दे दिया। विपक्षी दलों ने नेताओं का आरोप है कि इससे समाज में गलत संदेश भी गया है। लोगों में अंधविश्वास को भी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। 

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कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू अपने ट्वीट में लिखते हैं, 'एक तरफ़ प्रधानमंत्री 'सोशल डिस्टेन्स' बनाने की अपील कर रहे हैं। पीलीभीत के डीएम औऱ एसपी #CoronavirusPandemic से बचाव को लेकर कितने गंभीर हैं इसको यहाँ देखा जा सकता हैं। क्या मुख्यमंत्री पीलीभीत के इन अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैये पर कार्यवाई करेंगे?'

 

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