Wednesday, Apr 14, 2021
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भारत में मिला Corona को सबसे डरावना केस, Virus लैदर की गेंद जैसे सख्त कर देता है फेफड़े....

  • Updated on 10/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देशभर में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। भारत (India) में कोरोना से 78,13,668 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं इस वायरस की चपेट में आने से अब तक 1,17,992 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। 

राहत की बात ये है कि 70,13,569 इस वायरस को मात देकर ठीक हो चुके हैं। देश में कोरोना को मात देकर ठीक होने वालों की संख्या सक्रिय मामलों की संख्या से अधिक है। सक्रिय मामलों (Active Cases) की कुल संख्या 6,80,801 है।

वहीँ, इस बीच कर्नाटक से कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद हुई उसकी ऑटोप्सी की रिपोर्ट से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसनें डॉक्टर्स को भी डरा दिया है। बताया जा रहा है कि 62 साल के एक मरीज के कोरोना संक्रमित होने के बाद उसकी ऑटोप्सी की गई जिसमें उसके फेफड़े किसी 'लैदर की बॉल' की तरह सख्त पाए गए। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फेफड़ों का इस कदर बुरा हाल था कि उस व्यक्ति की मौत होना तय थी। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि इस मरीज की मौत के 18 घंटे बाद भी उसकी नाक और गले में वायरस एक्टिव पाया गया था। इसका मतलब यह है कि संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके अंदर वायरस मौजूद था और अगर कोई और भी उसके शव के संपर्क में आता तो बीमार पड़ सकता था। 

इस मरीज की ऑटोप्सी से जुड़े ऑक्सफोर्ड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर दिनेश राव ने कहा कि मरीज के फेफड़े कोरोना के संक्रमण के कारण किसी लैदर की बॉल की तरह सख्त हो चुके थे। मरीज के फेफड़ों में हवा भरने वाला हिस्सा पूरी तरह से खराब हो चुका था और कोशिकाओं में खून के थक्के जम चुके थे। लेकिन इस शव की जांच करने से कोरोना के बढ़ने के तरीके को समझने में मदद मिली है। 

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रिपोर्ट में बताया गया है कि डॉ. राव ने शव की नाक, मुंह-गला, फेफड़ों के सरफेस, रेस्पिरेटरी पैसेज और चेहरे व गले की स्किन से पांच तरह के स्वैब सैम्पल लिए थे। जिन्हे टेस्ट किया गया था। आरटीपीसीआर टेस्ट से पता चला कि गले और नाक वाला सैम्पल कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव था। इसका मतलब यह हुआ कि कोरोना मरीज का शव भी दूसरे लोगों को संक्रमित कर सकता है।

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