Monday, May 10, 2021
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कोरोना से जंग: महामारी से निपटने में इन देशों की महिलाओं का नहीं है कोई जवाब

  • Updated on 4/11/2020

नई दिल्ली/प्रियंका। वैश्विक महामारी कोरोना से दुनियाभर के देश लड़ने में लगे हैं। इस बीच कुछ देशों के नेताओं की आलोचना की जा रही है तो कुछ देशों के प्रयासों को सराहा जा रहा है। वहीँ कुछ देश ऐसे भी हैं जो कोरोना से मुक्ति पा चुके हैं और उन देशों से दुनिया सबक ले रही है।

यहां इस बात को भी बताना जरुरी है कि जिन देशों से कोरोना का प्रभाव कम हुआ है वहां महिला नेताओं ने बेहतरीन काम किया है। जबकि हम यह देख रहे हैं कि जिन देशों के नेता पुरुष हैं वहां कोरोना से हालात बिगड़े हुए हैं। ऐसे में जरुरी हो जाता है कि हम उन महिला नेताओं के बारे में बात करें जिनके नेतृत्व में उनके देश से कोरोना महामारी का असर कम हुआ।

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अंगेला मैर्केल
जर्मनी में कोरोना के एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए लेकिन फिर भी देश में कोरोना से होने वाली मौतों के मामले कम हैं जिसका पूरा श्रेय चांसलर अंगेला मैर्केल को जाता है। दरअसल, अंगेला ने कोरोना के शुरूआती दौर में ही यह चेतावनी दे दी थी कि जर्मनी की 60 प्रतिशत आबादी कोरोना की चपेट में आ सकती है। उन्होंने जर्मनी में कई पाबंदियों के साथ जागरूकता और सोशल डिस्टेंस का अनिवार्यता से पालन करने के आदेश दिए थे। उनकी रणनीतियों की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है।

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मेरिलिन एडो
कोरोना वायरस के इलाज का पूरी दुनिया को इंतजार है। इस बीमारी का अब तक कोई ठोस इलाज नहीं मिल पाया है हालांकि कुछ दवाएं हैं जिनसे दुनियाभर में लोगों का इलाज किया जा रहा है। वहीँ इबोला और मर्स का टीका बनाने वाली जर्मन सेंटर फॉर इन्फेक्शन रिसर्च की प्रोफेसर मेरिलिन एडो एक बार फिर, अपनी पूरी टीम के साथ मिल कर कोरोना वायरस से बचाने का टीका इजात करने में लगी हैं।

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जुंग इउन केओंग
चीन के करीबी दक्षिण कोरिया ने जिस तरह से अपने देश में कोरोना पर काबू पाया वो काबिलेतारीफ है। इसके पीछे साउथ कोरिया के सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रिवेंशन की अध्यक्ष जुंग इउन केओंग का हाथ बताया जा रहा है। यहां उन्हें नेशनल हीरो का ख़िताब दिया गया है।

इस बारे में स्थानीय मीडिया की माने तो कोरोना से निपटने के लिए केओंग शुरुआत से ही लगातार दिन रात काम कर रही थीं, उन्होंने बिना सोये, बिना ऑफिस से बाहर आए बस काम ही किया। ये उनकी मेहनत का ही फल है कि चीन के निकट होने के बाद भी दक्षिण कोरिया कोरोना से निपट पाया। जुंग इउन केओंग ने अपने देश को भरपूर मात्रा में टेस्टिंग किट अवेलेबल कराई जिससे साउथ कोरिया में कोरोना संक्रमण फैलने से रुक सका।

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जेसिंडा आर्डर्न
न्यूजीलैंड में जिस वक़्त कोरोना के 6 मामले सामने  आए थे तभी देश की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने कोरोना से लड़ने के लिए 14 मार्च को घोषणा की थी कि जो भी व्यक्ति देश में यात्रा पूरी कर आएगा वो 14 दिनों के लिए सेल्फ आइसोलेशन में रहेगा। इसके बाद, जब संख्या 100 के पार गई तब देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया और सभी को नियमों के पालन करने और बचाव करने की सलाह दी।

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मेट फ्रेडेरिक्सन
कोरोना वायरस के डेनमार्क में अब तक 5 हजार से ज्यादा मामले ही सामने आ चुके हैं लेकिन यहां कैसे कोरोना का प्रसार रुक सका ये डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट ने ही पॉसिबल किया। दरअसल, कोरोना की दस्तक देते ही, मार्च की शुरुआत से ही डेनमार्क में कड़े नियम लागू हो गये। मेट ने कई ठोस कदम उठाये। मेट ने देश की सभी सीमाओं को 14 मार्च तक सील करवा दिया था।

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त्साई इंग वेन
दक्षिण कोरिया की तरह ही चीन के बेहद करीब होने के बाद भी ताइवान ने कोरोना पर जीत हासिल कर ली। इस छोटी आबादी वाले देश में बचाव कार्यों पर ज्यादा बल दिया और शुरुआती दिनों से ही टेस्टिंग और सेल्फ आइसोलेशन जैसे नियम अपना कर अपने देश को कोरोना संक्रमण से बचाया। ताइवान की वेन सरकार को इसके लिए पूरा विश्व तारीफ कर रहा है और कुछ देश ताइवान मॉडल को भी कॉपी कर रहा है।

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