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सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि दिमाग को अपनी गिरफ्त में लेता है कोरोना वायरस, जाने कैसे?

  • Updated on 7/9/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस को लेकर लंदन के वैज्ञानिकों ने एक शोध में दावा किया है कि ये बीमारी ने सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि ये व्यक्ति के दिमाग पर भी गहरा असर डालता है।

बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस की वजह से मरीज का दिमाग काम करना बंद कर देता है और इसका मरीज के नर्वस सिस्टम पर बड़ा प्रभावशाली असर पड़ता है। इतना ही नहीं इससे दिमाग की नसें सूज जाती हैं और कोरोना का मरीज बेकार की बातों में उलझा रहता है।

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वैज्ञानिकों ने बताया
इस बारे में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने कोरोना संक्रमित 43 मरीजों के दिमाग गम्भीरता के साथ जांच की है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि इन मरीजों के दिमाग की नसें सूज जाती हैं। इतना ही नहीं, यूसीएल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजी के माइकल जैंडी और इस स्टडी के सहायक लेखक ने ये भी कहा कि इन मरीजों में 1920 और 1930 में फैले इंफ्लूएंजा फ्लू की तरह ही दिमागी लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

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दुर्लभ सूजन
वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को होने वाली सूजन दुर्लभ है। इस सूजन को मेडिकल टर्म में एक्यूट डिसेमिनेटेड इंसिफेलोमाइलिटिस (ADEM) कहते हैं। यह ज्यादातर युवाओं और बच्चों में देखी जा सकती है। लेकिन अब कोरोना के कारण हमें इस तरह के मरीज हर महीने मिल रहे हैं। इसी कारण पिछले एक सप्ताह में ऐसे लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

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सालों तक रहता है असर
वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अगर ये लगता है कि दिमाग पड़ने वाला ये असर कुछ ही दें तक रहेगा तो ये सोचना गलत है क्योंकि इसका असर लंबे समय तक रहता है। भले ही लोग रिकवर हो जाएं लेकिन उसके बाद भी उनके दिमाग पर कोरोना का असर बना रहता है।

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