Tuesday, Oct 19, 2021
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Court clears way for counting of votes for Mandal Parishad Zilla Parishad elections prshnt

अदालत ने मंडल परिषद, जिला परिषद चुनाव की मतगणना, परिणामों की घोषणा का रास्ता किया साफ

  • Updated on 9/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल को हुए मंडल परिषद और जिला परिषद चुनाव की मतगणना और परिणामों की घोषणा का रास्ता बृहस्पतिवार को साफ कर दिया। मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने चुनाव से संबंधित एक अप्रैल की अधिसूचना रद्द करने के एकल न्यायाधीश का 21 मई का आदेश निरस्त कर दिया। खंडपीठ के इस आदेश से अब पंचायत राज व्यवस्था के दूसरे और तीसरे स्तर के मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती और परिणामों की घोषणा का रास्ता साफ हो गया है।

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कुल 20,840 उम्मीदवार मैदान में
चुनाव प्रक्रिया मार्च 2020 में कोविड -19 वैश्विक महामारी के प्रकोप से पहले शुरू हुई थी, लेकिन संक्रमण फैलने के बाद इसे रोक दिया गया था। इसके बाद, कानूनी कार्यवाही से प्रक्रिया में और देरी हुई तथा राज्य चुनाव आयोग द्वारा रुकी हुई मतदान प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए एक नई अधिसूचना जारी की गयी। इस अधिसूचना के बाद इस साल आठ अप्रैल को 7,220 एमपीटीसी और 515 जेडपीटीसी सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिसके लिए कुल 20,840 उम्मीदवार मैदान में थे।

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने चुनाव का बहिष्कार किया था, लेकिन तकनीकी रूप से वह चुनाव में बना रहा क्योंकि मतपत्रों को उसके निर्णय की घोषणा से पहले छापा गया था। सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने मार्च 2020 में 2,271 एमपीटीसी और 126 जेडपीटीसी सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की थी। तेदेपा ने सर्वसम्मति से 100 एमपीटीसी पर भी जीत दर्ज की थी।

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उच्च न्यायालय की खंडपीठ में दी थी चुनौती
न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण मूर्ति ने 21 मई को मंडल और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) की एक अप्रैल को जारी की गई अधिसूचना रद्द कर दी थी और इसे अवैध, मनमाना और शीर्ष अदालत के निर्देश का उल्लंघन बताया था। राज्य चुनाव आयोग ने एकल न्यायाधीश के इसी आदेश को उच्च न्यायालय की खंडपीठ में चुनौती दी थी। अदातल ने पांच अगस्त को मामले की सुनवाई के बाद कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा।

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