Saturday, Jul 31, 2021
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court directs police to give copy of charge sheet to kanhaiya and other nine prshnt

JNU राजद्रोह मामला: अदालत ने पुलिस को कन्हैया और अन्य नौ को आरोपपत्र की प्रति देने का दिया निर्देश

  • Updated on 3/15/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और नौ अन्य को 2016 के राजद्रोह मामले में दायर आरोपपत्र की प्रति देने का सोमवार को निर्देश दिया। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) पंकज शर्मा (Pankaj Sharma) ने मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए मामले को सात अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया और मामले में अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए सात आरोपियों को अंतरिम जमानत भी दे दी। आरोपपत्र दायर करने से पहले, आकिब मुजीब, उमर गुल, रईस रसूल, बशारत अली, खालिद बशीर सहित सात लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया था।      

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अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया
इन्होंने जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। अदालत ने 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही मूल्य की जमानत राशि जमा करने की शर्त पर उन्हें जमानत दे दी। अदालत के समन जारी करते समय कुमार, दिल्ली दंगा ममले में पहले से ही पुलिस हिरासत में ले लिए गए उमर खालिद के अलावा अनिर्बान भट्टाचार्य और बाकी सात आरोपी भी परिसर में मौजूद थे। इससे पहले अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया था।     

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इन धाराओं में हुआ था मामला दर्ज
कुमार और जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य पर भारत विरोधी नारेबाजी करने का आरोप है।      मामले में जिन सात अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है, उनमें कश्मीरी छात्र आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशीर भट और बशारत अली शामिल हैं। उनमें से कुछ जेएनयू, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र हैं।

इन सभी पर ने भादंवि की धारा 124ए, 323, 471, 143, 147, 149, 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। भाजपा के तत्कालीन सांसद महेश गिरि और आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर 11 फरवरी 2016 को वसंत कुंज (उत्तर) थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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कन्हैया ने दिल्ली सरकार को दिया धन्यवाद
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर नाराजगी जाहिर की है, दिल्ली सरकार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का केस चलाने की मंजूरी दे दी है।

इस पर पी चिंदबरम ने ट्वीट कर कहा कि राजद्रोह कानून के बारे में केंद्र सरकार की तरह दिल्ली सरकार की भी समझ कम है। मैं भारतीय दंड संहिता की धारा 124A और 120B के तहत कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ राजद्रोह का केस चलाने की मंजूरी देने का कड़ा विरोध करता हूं। 

बता दें कि दिल्ली सरकार के इस फैसले पर कन्हैया कुमार ने भी ट्वीट किया है कन्हैया ने लिखा, दिल्ली सरकार को सेडिशन केस की परमिशन देने के लिए धन्यवाद। दिल्ली पुलिस और सरकारी वकीलों से आग्रह है कि इस केस को अब गंभीरता से लिया जाए। फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल हो और टीवी वाली ‘आपकी अदालत’ की जगह क़ानून की अदालत में न्याय सुनिश्चित किया जाए। 

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