Monday, Aug 02, 2021
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दिल्ली दंगे के आरोपी नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और इकबाल तन्हा हुए बेल पर रिहा

  • Updated on 6/17/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा मामले में अदालत ने 15 जून को दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश के बाद पिंजारा तोड़ कार्यकर्ता नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और जामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को आज यानी गुरुवार 17 जून को रिहा करने का आदेश दे दिया है।

तीनों आरोपियों को हाईकोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी थी, लेकिन दिल्ली की एक अदालत ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र कार्यकर्ताओं नताशा नरवाल और देवांगना कालिता की तत्काल रिहाई पर बुधवार को अपना आदेश गुरुवार तक के लिए टाल दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंद्र बेदी ने कहा था कि अधोहस्ताक्षरी के समक्ष सूचीबद्ध जमानत आवेदनों के भारी भार के चलते आदेश पारित नहीं किया जा सका। इसे गुरुवार पूर्वाहन 11:00 बजे के लिए रखिए।

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दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
इस बीच दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को जमानत देने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पुलिस ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर हाईकोर्ट के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि ये तीन अलग-अलग जमानत के फैसले बिना किसी आधार के थे। ये चार्जशीट में एकत्रित विस्तृत सबूतों की तुलना में सोशल मीडिया कथा  पर आधारिक लग रहे हैं। 

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सबूतों पर पूरी तरह से ध्यान ही नहीं दिया गया- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट ने इस मामले का निपटारा पूर्व-कल्पित तरीके से किया। ये ऐसा है मानो जैसे कि छात्रों द्वारा विरोध का एक सरल मामला निपटाया गया हो। पुलिस का दावा है कि हाईकोर्ट ने सबूतों और बयानों पर पूरी तरह से ध्यान ही नहीं दिया। जबकि सबूतों के आधार पर स्पष्ट होता है कि तीनों आरोपियों ने बड़े पैमाने पर दंगों की एक भायवह साजिश रची। 

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