Monday, Nov 28, 2022
-->
court reserves order on bail plea of aap mla amanatullah khan

अदालत ने आप विधायक अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका पर अपना आदेश मंगलवार को सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने कहा कि फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा।   खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (किसी सरकारी सेवक या बैंक, व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वास भंग) के लिए सभी सामग्री गायब है और अभियोजन ने ‘‘अपनी मर्जी से वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष (खान) को निशाना बनाया।’’   

विजयवर्गीय, अन्य के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति पर फैसला करें मुख्य सचिव: कोर्ट

  मेहरा ने यह भी कहा कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया और ये आरोप प्रक्रियागत खामी है। उन्होंने कहा कि ‘‘निधि का कोई दुरुपयोग नहीं’’ हुआ और न ही प्रथम दृष्टया इसका कोई सबूत है।   निधि के कथित दुरुपयोग के संबंध में वकील ने कहा कि ‘‘एक-एक पैसे का हिसाब रखा गया।’ इन दलीलों का विरोध करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि अभी यह मामला जमानत देने के स्तर पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि खान ने एजेंसी से झूठ बोला था कि उनका मोबाइल फोन खो गया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने पेश किया राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव

     न्यायाधीश ने उनसे पूछा कि खान द्वारा निधि का कथित तौर पर दुरुपयोग करने से सरकारी खजाने को कैसे नुकसान हुआ और साथ ही उन्होंने यह पूछा कि अगर नुकसान हुआ तो कितने का हुआ। इस बीच, अदालत ने खान के कथित सहायक और सह-आरोपी लड्डन को दो दिन की भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) की हिरासत में भेज दिया है।   

उच्च न्यायालय ने ‘AAP’ और इसके नेताओं को LG सक्सेना पर झूठे आरोप लगाने से रोका

    इससे पहले अदालत ने सोमवार को आप विधायक अमानतुल्ला खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।      एसीबी ने 16 सितंबर को खान के परिसरों पर छापे मारने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था।  प्राथमिकी के अनुसार, खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष रहने के दौरान कथित तौर पर सभी मानदंडों और सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करके 32 लोगों को भर्ती किया था।   

मुकुल रोहतगी ने ठुकराया अगले अटॉर्नी जनरल पद के लिए मोदी सरकार का प्रस्ताव 

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.