Sunday, Oct 02, 2022
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court seeks response from election commission petition to derecognise aap rkdsnt

AAP की मान्यता खत्म करने की याचिका पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

  • Updated on 9/20/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) की मान्यता समाप्त करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आप ने सरकारी धन का इस्तेमाल करके गणेश चतुर्थी का प्रचार किया जो एक धर्मनिरपेक्ष देश के संविधान के विरुद्ध है। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और जस्टिस अमित बंसल की पीठ ने स्पष्ट किया कि वह केंद्र, दिल्ली सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस भेज रही है, ना कि मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य मंत्रियों को। 

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वकील ने उक्त पक्षों से निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तारीख तय की। याचिकाकर्ता और वकील एम एल शर्मा ने कहा कि वह आप की एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता समाप्त करने तथा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य मंत्रियों को संवैधानिक पद से हटाने का निर्देश देने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि कथित रूप से जानबूझकर संविधान और जन प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन किया गया है। 

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दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह पूरी तरह शरारतपूर्ण याचिका है जिसे जनहित याचिका के रूप में दाखिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे खारिज किया जाना चाहिए और भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच धार्मिक आयोजनों को रोकने के लिए फैसला किया गया था और दिल्ली सरकार ने भीड़ से बचने के लिहाज से पंडालों को लगाने पर रोक लगाई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मीडिया से केवल इतना अनुरोध किया था कि लोगों की उत्सव में भागीदारी के लिए उनके आवासों से कवरेज किया जाए।

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