Monday, Sep 26, 2022
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Court took cognizance of the demand of Hindu side to make carbon dating in the Gyanvapi case

ज्ञानवापी मामले में कार्बन डेटिंग कराने की हिंदू पक्ष की मांग का कोर्ट ने लिया संज्ञान

  • Updated on 9/23/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ज्ञानवापी- शृंगार गौरी मामले में वाराणसी की जिला अदालत ने वीरवार को ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने की हिंदू पक्ष की मांग का संज्ञान लेते हुए 29 सितम्बर को अगली सुनवाई तक मुस्लिम पक्ष से इस पर आपत्ति मांगी है।

जिला शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने बताया कि मामले की वादी चार महिलाओं की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ज्ञानवापी परिसर में प्राप्त कथित शिवलिंग/फव्वारे की कार्बन डेटिंग कराने की मांग की अर्जी जिला अदालत के समक्ष रखी।

जिला न्यायाधीश ने इस अर्जी पर संज्ञान लते हुए 29 सितम्बर तक इस पर मुस्लिम पक्ष से आपत्ति मांगी हैं। उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मामले में 15 लोगों ने पक्षकार बनने के लिए जिला न्यायाधीश की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। 
इस पर जिला न्यायाधीश एके विश्वेश ने कहा कि पक्षकार बनने के लिए 15 लोगों में से उपस्थित आठ लोगों के प्रार्थना पत्र पर ही विचार किया जाएगा, बाकी अनुपस्थित सात लोगों का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया जाएगा। सिंह ने बताया कि मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत से इस मामले की सुनवाई के लिए आठ हफ्ते बाद समय तय करने की मांग रखी थी, जिसे जिला न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया। 

मुस्लिम पक्ष के वकील मोहम्मद तौहीद ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने मामले की पोषणीयता पर अदालत के फैसले के आठ सप्ताह बाद प्रकरण की सुनवाई आगे बढ़ाने को कहा था। जिला अदालत ने पिछली 12 सितम्बर को अपने निर्णय में मामले को सुनवाई के लायक माना था। लिहाजा मुस्लिम पक्ष ने मामले की सुनवाई आठ हफ्ते बाद करने के सिलसिले में प्रार्थनापत्र दिया था।

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