Friday, Jan 18, 2019

माकपा बोली- आलोक वर्मा को हटाने का फैसला CBI का दूसरा तख्तापलट

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सीबीआई के निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाने के मोदी सरकार के फैसले की निंदा करते हुए इसे सीबीआई का दूसरा तख्तापलट करार दिया है। माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा शुक्रवार को जारी बयान में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई निदेशक पद पर वर्मा की बहाली किए जाने के 48 घंटे के भीतर उन्हें पद से हटाने के मोदी सरकार के फैसले की निंदा की है। 

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पोलित ब्यूरो ने कहा कि यह फैसला सीबीआई पर सरकार का नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिये किया गया है। जिससे सरकार अपने राजनीतिक और चुनावी एजेंडे को पूरा करने में सीबीआई का औजार के रूप में इस्तेमाल कर सके। पार्टी ने कहा कि पिछले साल 23 अक्तूबर को केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की अपुष्ट और सवालों में घिरी रिपोर्ट के आधार पर वर्मा को पद से हटाया गया था। 

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इसे सीबीआई का पहला तख्तापलट बताते हुए पोलित ब्यूरो ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी की रिपोर्ट को नकार कर वर्मा को निदेशक पद पर बहाल कर दिया था। पोलित ब्यूरो ने बृहस्पतिवार को सरकार द्वारा वर्मा का पक्ष सुने बिना उन्हें निदेशक पद से हटाकर उनका तबादला करने के फैसले को सीबीआई का दूसरा तख्तापलट बताते हुये कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाले कथित मामलों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिये यह कार्रवाई की है।

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पार्टी ने सरकार पर सीबीआई की स्वायत्तता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने के लिये लगातार हमले कर रही है। इन हमलों की जद में सीबीआई के अलावा रिजर्व बैंक, न्यायपालिका और सूचना आयोग भी हैं। पार्टी ने कहा कि देश की जनता इस स्थिति को देख रही है और आगामी आम चुनाव में भाजपा राजग को इसका माकूल जवाब देगी।

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माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने पांच साल में दस करोड़ रोजगार देने के मोदी सरकार के वादे के उलट लाखों लोगों की आजीविका छीनने का दावा करते हुये सरकार पर अर्थव्यवस्था को तहस नहस करने का आरोप लगाया है। येचुरी ने नोटबंदी के बाद साल दर साल रोजगार के अवसरों में गिरावट संबंधी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से शुक्रवार को ट््वीट कर कहा ‘‘मोदी सरकार में अर्थव्यवस्था तहस नहस होने की बात अब स्थापित हो गयी है। सरकार आंकड़ों को छुपाने की कितनी ही कोशिश कर ले, लेकिन सरकार के प्रचारतंत्र का तमाशा भी इस सच्चाई को नहीं छुपा सकता है।’’ 

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उन्होंने कहा कि दस करोड़ नये रोजगार देने के वादे के उलट मोदी सरकार ने सिर्फ लाखों भारतीयों की आजीविका छीनने की बात सुनिश्चित की है। सीबीआई निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाने के सरकार के फैसले पर येचुरी ने कहा ‘‘जल्दबाजी में किये गये इस फैसले से साफ हो गया है कि जिन मामलों की जांच की फाइलें वर्मा की मेज पर थीं उनके तार सीधे तौर पर मोदी सरकार में ‘शीर्ष लोगों’ से जुड़े हैं।’’ 

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