Friday, Nov 27, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 27

Last Updated: Fri Nov 27 2020 08:38 AM

corona virus

Total Cases

9,309,871

Recovered

8,717,709

Deaths

135,752

  • INDIA9,309,871
  • MAHARASTRA1,795,959
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA878,055
  • TAMIL NADU768,340
  • KERALA578,364
  • NEW DELHI551,262
  • UTTAR PRADESH533,355
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA315,271
  • TELANGANA263,526
  • RAJASTHAN240,676
  • BIHAR230,247
  • CHHATTISGARH221,688
  • HARYANA215,021
  • ASSAM211,427
  • GUJARAT201,949
  • MADHYA PRADESH188,018
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB145,667
  • JHARKHAND104,940
  • JAMMU & KASHMIR104,715
  • UTTARAKHAND70,790
  • GOA45,389
  • PUDUCHERRY36,000
  • HIMACHAL PRADESH33,700
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,691
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,647
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,312
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
cpim vrinda karat appeals court to register fir against bjp anurag thakur parvesh verma rkdsnt

वृंदा करात ने कोर्ट से लगाई अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की गुहार

  • Updated on 10/8/2020


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। माकपा (CPIM) नेता वृंदा करात (Vrinda Karat) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) से कहा कि यहां शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के संबंध में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और भाजपा (BJP) सांसद परवेश वर्मा (Parvesh Verma) के कथित नफरत भरे भाषणों को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। वृंदा ने अदालत में दावा किया कि ठाकुर और वर्मा के खिलाफ एक संज्ञेय अपराध का मामला बनता है। माकपा नेता ने निचली अदालत द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। याचिका में दोनों नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिए जाने की अपील की गई है। 

मंजू वर्मा की उम्मीदवारी वापस ली जाए या JDU से गठबंधन खत्म करे BJP : कांग्रेस

न्यायमूॢत योगेश खन्ना ने दलीलें सुनने के बाद वृंदा के वकील और दिल्ली पुलिस को अपनी दलीलों के समर्थन में संबद्ध निर्णय दाखिल करने को कहा। बहरहाल, अदालत ने विषय की आगे की सुनवाई दो नवंबर के लिये सूचीबद्ध कर दी। अधिवक्ता रिचा कपूर ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश होते हुए याचिका की विचारणीयता पर सवाल उठाये। वृंदा का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि शिकायत नौ महीने तक निचली अदालत में लंबित रखी गई और उसके बाद मजिस्ट्रेट ने याचिका खारिज कर दी तथा यहां तक कि उन्होंने मामले के गुण-दोष पर भी विचार नहीं किया। 

चिन्मयानंद को बलात्कार पीड़िता के बयान की प्रति देने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

उन्होंने कहा कि एक संज्ञेय अपराध (कथित तौर पर नफरत भरे भाषणों से) हुआ है और वे विषय की पुलिस से सिर्फ जांच कराने की मांग कर रहे हैं। माकपा नेता वृंदा करात और के. एम. तिवारी ने निचली अदालत में शिकायत दायर कर संसद मार्ग पुलिस थाने को ठाकुर और वर्मा के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। हालांकि, निचली अदालत ने कहा था कि शिकायत पूर्व अनुमति के बगैर स्वीकार किये जाने योग्य नहीं है। वृंदा ने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका के जरिये निचली अदालत के आदेश को रद्द करने तथा अर्जियों का सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत (किसी संज्ञेय अपराध के सिलसिले में जांच करने के लिये पुलिस को निर्देश देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति) शीघ्रता से निस्तारण करने के लिये निर्देश देने का अनुरोध किया है। 

गोविंदाचार्य की याचिका पर मोदी सरकार ने कहा- सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से निपटने को बनाए नियम

साथ ही, शुरूआत में ही तकनीकी आपत्ति एवं विचारणीयता पर फैसला करने का अनुरोध किया है, ताकि न्यायिक समय बर्बाद होने से टाला जा सके। अधिवक्ता तारा नरूला और अदित एस पुजारी के मार्फत यह याचिका दायर की गई है। याचिका में दलील दी गई है कि सरकार और पुलिस ने आरोपियों के भाषणों से पल्ला झाड़ लिया, ऐसे में याचिकाकर्ताओं की दलील है कि उनके पास सिर्फ न्यायिक उपाय ही हैं। याचिका के जरिये शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करते हुए कहा गया है, ‘‘लोक नीति और न्याय के हित में यह अदालत आरोपियों के दिये भाषणों की विषय वस्तु पर स्थापित कानून के आधार पर विचार करे और यह राय दे कि क्या संज्ञेय अपराध हुआ है।’’ 

TRP रैकेट : रिपब्लिक टीवी के अर्णब ने मुंबई पुलिस को दी चुनौती

याचिका में कहा गया है कि उन्होंने नौ महीने पहले शिकायत दर्ज कराई थी और प्राथमिकी दर्ज करने में पहले ही अत्यधिक देर हो चुकी है, जबकि संज्ञेय अपराध हुआ है। वृंदा ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि ‘‘ ठाकुर और वर्मा ने लोगों को उकसाने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में दो प्रदर्शन स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं हुई।’’ शिकायत में जिन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है, उनमें आरोप साबित हो जाने पर अधिकतम सात साल की कैद की सजा हो सकती है। 

हाथरस केसः राहुल गांधी ने जारी किया पीड़ित परिवार से बातचीत का वीडियो

माकपा नेता ने आरोप लगाया था कि यहां रिठाला रैली में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ठाकुर ने 27 जनवरी को सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों की आलोचना करने के बाद भीड़ को-- ‘गोली मारो गद्दारों को’-- नारा लगाने के लिये उकसाया। अपनी शिकायत में उन्होंने यह भी जिक्र किया था कि वर्मा ने शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 28 जनवरी को कथित तौर पर उकसाने वाली टिप्पणी की थी।  

 

 

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

comments

.
.
.
.
.