Friday, Jan 21, 2022
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NDA सरकार में करीब 40% कम हुई कच्चे तेल की कीमत, जानें फिर क्यों पहुंचा 100 के पार पैट्रोल

  • Updated on 2/24/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश में पैट्रोल और डीजल (Petrol and Diesel) की कीमतें रिकार्ड तोड़ रही हैं। कुछ राज्यों में पैट्रोल की कीमत 100 का आंकड़ा पार कर गई है तो कुछ राज्यों में आंकड़ा 100 के आसपास है। तेल के इस खेल में पिस रही है आम जनता। तेल की कीमतें बढने का सीधा मतलब है महंगाई का बढना। विरोधी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना कर रही हैं तो प्रधानमंत्री का कहना है कि हमें तेल के आयात पर निर्भरता कम करनी होगी।

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पैट्रोल 100 का आंकड़ा क्यों छू रहा
किसी सरकार का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में पूर्ववर्ती सरकारों को बहुत पहले कदम उठाने चाहिए थे लेकिन यदि पूर्ववर्ती यू.पी.ए. सरकार की बात करें तो केंद्र में मोदी सरकार से पहले वर्ष 2011-12 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के समय क्रूड आयल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल थी और पैट्रोल की कीमत लगभग 65 रुपए थी मगर अब जब मोदी सरकार के समय क्रूड ऑयल की कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब है, जोकि मनमोहन सिंह की सरकार के समय से करीब 40 फीसदी कम है तो पैट्रोल 100 का आंकड़ा क्यों छू रहा है? इसके पीछे के गणित को समझना बेहद जरूरी है।      

अक्तूबर 2020 में क्रूड ऑयल 40.19 डॉलर प्रति बैरल था। तब भारत में 81.6 रुपए प्रति लीटर पैट्रोल बेचा गया। वहीं, 22 फरवरी को क्रूड के दाम 63.48 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए। 22 फरवरी को देश में पैट्रोल 90.58 रुपए तथा डीजल 80.97 रुपए प्रति लीटर रहा। यानी सीधे 10 रुपए लीटर बढ़ा दिया गया। 

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तब और अब में अंतर
भारत में पैट्रोल के दामों में 7.71 प्रतिशत और डीजल के दामों में 7.40 फीसदी की बढ़ौतरी हुई है। हालांकि जब कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल पर था, तब यू.पी.ए. सरकार पैट्रोल 65.76 रुपए में बेच रही थी, लेकिन अब जब 63 डॉलर यानी यू.पी.ए. सरकार की तुलना में 56 फीसदी से कम कीमत है, तब भी एन.डी.ए. सरकार दिल्ली में पैट्रोल 89 रुपए के आसपास बेच रही है।

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13 बार बढ़ी एक्साइज ड्यूटी
मई 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी, तब केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी के रूप में 1 लीटर पैट्रोल पर 10.38 रुपए और डीजल पर 4.52 रुपए टैक्स वसूला करती थी। मई 2014 से अब तक केंद्र सरकार 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा चुकी है और तीन बार ही ड्यूटी घटाई गई है। आखिरी बार मई 2020 में एक्साइज ड्यूटी बढ़ी थी। इस वक्त एक लीटर पैट्रोल पर 32.98 रुपए और डीजल पर 31.83 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है। 

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यू.पी.ए. के 10 वर्ष में 3 गुना से ज्यादा बढ़ी कच्चे तेल की कीमत 
वर्ष 2014 में यू.पी.ए. सरकार में कच्चे तेल की कीमतें 35 डॉलर प्रति बैरल थीं, लेकिन 2011-12 में यह 112 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़ें को पार कर गई। यू.पी.ए. के 10 वर्ष के शासन में कच्चे तेल की कीमतों में 3 गुना से ज्यादा की बढ़त हुई, जबकि इस दौरान पैट्रोल के दाम में हर वर्ष करीब 4 रुपए की बढ़त हुई और 2004 के 33 रुपए के मुकाबले पैट्रोल की कीमत बढ़कर 2014 में 71 रुपए के आसपास पहुंच गई।

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