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cvc unhappy about government department investigating corruption complaints rkdsnt

सरकारी विभाग के भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच को लेकर नाखुश है CVC

  • Updated on 8/14/2020


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने कहा है कि भ्रष्टाचार संबंधी ज्यादातर शिकायतों की सरकारी विभागों द्वारा समय से जांच नहीं की जाती है। इसके साथ ही आयोग ने कहा कि उन्हें ऐसी शिकायतों की ताजा स्थिति निर्धारित समय सीमा के भीतर वेबसाइट पर डालनी चाहिए। सीवीसी ने बृहस्पतिवार को मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) को जारी एक आदेश में चिंता जतायी है। सीवीओ केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों आदि में भ्रष्टाचार की जांच के लिए आयोग के सहायक के रूप में कार्य करते हैं। 

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शिकायतों से निपटने की नीति और सतर्कता नियमावली का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि शिकायत निगरानी प्रणाली के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई के लिए शिकायतें सीवीओ को भेजी जाती हैं। सीवीसी ने अपने आदेश में कहा कि सीवीओ को उत्तर देने या रिपोर्ट करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन उन्हें आयोग से शिकायतें मिलने के एक महीने के भीतर जांच और निर्णय करना होगा। आयोग ने कहा कि सतर्कता नियमावली में इस बात का भी उल्लेख है कि यदि शिकायत की जांच की गई है और किसी अधिकारी के खिलाफ सतर्कता पहलू सामने आया है तो आवश्यक कार्रवाई के लिए सीवीओ को भेजी गई शिकायतें सलाह के लिए आयोग को वापस भेजी जानी चाहिए। 

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सीवीसी ने कहा कि यदि सीवीओ द्वारा जांच के लिए ऐसी कोई शिकायत ली जाती है, तो जांच पूरी करने और रिपोर्ट पेश करने के लिए 12 सप्ताह की समय सीमा लागू होगी। अन्यथा, ऐसी शिकायतों के लिए आयोग के संदर्भ की आवश्यकता नहीं होती है और आवश्यक कार्रवाई करने के बाद विभागों या संगठनों द्वारा स्वयं इसका निपटान किया जाता है। आयोग ने कहा कि सीवीओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई शिकायतों की स्थिति आयोग की वेबसाइट पर अपडेट की जानी चाहिए। 

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उसने कहा कि यह देखा गया है कि आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई ऐसी ज्यादातर शिकायतों की समय पर जांच नहीं की जाती है और उन्हें नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाता है। आयोग ने चिंता के साथ इस मुद्दे पर गौर किया है और सभी सीवीओ को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गयी प्रत्येक शिकायत पर कार्रवाई की स्थिति को तुरंत आयोग के पोर्टल पर अपडेट करें।

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