Wednesday, Jan 26, 2022
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Darshan of Maa Chandraghanta to fulfill wishes live broadcast on TV channels for devotees

कामनाएं पूर्ण करने के लिए मां चंद्रघंटा के दर्शन, भक्तों के लिए टीवी चैनलों पर हो रहा सीधा प्रसारण

  • Updated on 10/2/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राजधानी के बड़े मंदिरों द्वारा देश-विदेश में बैठे मां के भक्तों की सुविधा को देखते हुए टीवी चैनलों द्वारा सीधा प्रसारण करवाने की व्यवस्था भी की जा रही है। खासकर मां झंडेवाली के दर्शन अब भक्त सीधे टीवी माध्यम से कर पा रहे हैं। इस कार्यक्रम की प्रतिदिन की गतिविधियों की सूचना व प्रबंधन मंदिर के मीडिया सेंटर के सेवादारों द्वारा किया जा रहा है। मंगलवार को कालकाजी, झंडेवालान व छतरपुर मंदिर में पूरे विधि-विधान से मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। मालूम हो कि मां चंद्रघंटा भक्तों की सभी कामनाएं पूर्ण करती हैं।

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वेद मंत्रों का पाठ किया गया
मंगलवार को झंडेवालान मंदिर की महिला मंडली द्वारा सुबह 10.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक सुंदर भेंटों व भजनों द्वारा मां का गुणगान किया गया जिसे सैकड़ों भक्तों ने श्रवण किया। कीर्तन के पश्चात फल का प्रसाद बांटा गया। बद्री भगत वेद विद्यालय, मंडोली से आए आचार्य एवं 11 विद्यार्थियों ने सुबह दुर्गासप्तशती एवं शाम वेद मंत्रों का सस्वर पाठ कर सारे वातावरण को पवित्र कर दिया। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर की तीन दिशाओं मे 4 डिस्पेंसरी और 2 एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। प्रत्येक डिस्पेंसरी मे एलोपेथी एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा की व्यवस्था है।

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कुष्मांडा देवी
नवरात्र के चौथे दिन कुष्मांडा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन अनाहत चक्र में अवस्थित होता है। अत: इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कुष्मांडा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए। कहा जाता है जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था तब मां कुष्माण्डा ने ब्रह्मांड की रचना की। इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। मां की आठ भुजाएं हैं। अत: ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन सिंह है। मां कुष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। 

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