Tuesday, Dec 07, 2021
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डीसीपीसीआर ने जारी की अपनी पहली पत्रिका चिल्ड्रन फस्र्ट

  • Updated on 10/23/2021
नई दिल्ली। टीम डिजिटल। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) द्वारा अपनी पहली अद्र्धवार्षिक पत्रिका चिल्ड्रन फस्र्ट का उद्घाटन इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जज रवींद्र भट, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, यूनिसेफ इंडिया की चीफ डॉ. यास्मीन उल हक, एनएलयू के वीसी प्रो. कृष्ण राव, विधायक आतिशी, पत्रिका की संपादक डॉ. वंदना प्रसाद व डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू मौजूद रहे। बता दें कि डीसीपीसीआर की पत्रिका के पहले अंक में देशभर के 100 से अधिक लेखकों के लेख प्राप्त हुए, जिनमें से शोध, कमेंट्री, लेख, वॉयस फ्रॉम द फील्ड और पुस्तक समीक्षा सहित 26 लेखों को प्रकाशित किया गया है। 
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पैनल चर्चा में कोविड में बच्चों के जीवन का पुनर्निर्माण पर रखे विचार
डीसीपीसीआर ने बताया कि इस पत्रिका में लिखने वाले लेखक प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएमएस, टीआईएसएस, डीयू, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, एनजीओ एजुकेट गल्र्स, सेव द चिल्ड्रन, क्राई प्रथम व टीच फॉर इंडिया से जूड़े हुए हैं। उनके लेखों में कोविड 19 महामारी के दौरान बच्चों की मनोस्थिति, ऑनलाइन एजुकेशन की चुनौतियों, सोशल ऑडिट, पोक्सो पीड़ितों की दुर्दशा इत्यादि विषयों पर आधारित हैं। प्रकाशित अंक में दिल्ली के सरकारी स्कूल से लेकर आंध्र प्रदेश व राजस्थान के ग्रामीण आदिवासियों और असम के समुदायों के संघर्षों तक को बयां करता है। लॉन्च इवेंट में कोविड युग के दौरान बच्चों के जीवन का पुनर्निर्माण विषय पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसमें यूनिसेफ इंडिया की चीफ डॉ. यास्मीन, एनएलयू के कुलपति प्रो. श्रीकृष्ण राव, विधायक आतिशी, आईएएस रश्मि सिंह, डॉ. वंदना प्रसाद व डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने अपने विचार रखे। इस दौरान कई न्यायधीशों, बाल कल्याण समितियों, किशोर न्याय बोर्ड से लेकर शिक्षाविद् व गैर सरकारी संगठनों से जुड़े थिंक टैंक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली सरकार के स्कूल की शिक्षिका और एक छात्रा खुशी ने किया। डीसीपीसीआर की सदस्य रंजना प्रसाद जिन्होंने पूरे कार्यक्रम का प्रबंधन किया, उन्होंने बताया की पत्रिका का अगला अंक शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर केंद्रित होगा।
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कोविड ने मां-पिता को छिना, अब संस्थान करें मदद : जज रवींद्र भट
पत्रिका के शुभारंभ के मौके पर अपने विचारों को व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज रवींद्र भट ने बच्चों के मुद्दों पर सभी का ध्यानाकर्षित किया व उनकी आवाज बनने के लिए डीसीपीसीआर की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड 19 के चलते कई बच्चों की दुर्दशा हुई है और उन्होंने अपने मांं-पिता को खो दिया है। ऐसे में सभी संस्थानों को इस अवसर का लाभ उठाते हुए ऐसे बच्चों की मदद में जुट जाना चाहिए।

चिल्ड्रन फस्र्ट जरूरी है : मनीष सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्राथमिकताओं को पुनर्गठित करने की आवश्यकता के साथ चिल्ड्रन फस्र्ट रखना यानि हरेक बच्चे को सबसे पहले रखने का इरादा करना बेहद जरूरी है जो इस पत्रिका के नाम से साफ हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सम्मेलनों, प्रणालियों और बाधाओं पर पुनर्विचार और प्रतिबिंबित करने का आग्रह किया जो बच्चों की वास्तविक क्षमता की प्राप्ति को अक्षम करते हैं।
 

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