Wednesday, Sep 28, 2022
-->
dcw-sent-notice-to-indian-bank-for-giving-discriminatory-guidelines-on-women

महिलाओं पर भेदभावपूर्ण दिशा-निर्देश देने पर डीसीडब्ल्यू ने भेजा इंडियन बैंक को नोटिस

  • Updated on 6/20/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्षा ने महिलाओं के लिए भेदभावपूर्ण दिशानिर्देश देने पर इंडियन बैंक को नोटिस जारी कर भर्ती के लिए किए गए निर्देशों को वापस लेने की मांग की है। दरअसल इंडियन बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार 3 या अधिक महीने की गर्भवती महिला को तुरंत ज्वाइन करने पर रोक है। मीडिया की खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए डीसीडब्ल्यू ने नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही डीसीडब्ल्यू ने केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर को पत्र लिखकर सभी बैंकों के लिए महिलाओं के अनुकूल दिशा-निर्देश बनाने की मांग की है। 
मुगलों का आखिरी होटल थी बादली की सराय
इंडियन बैंक को 23 जून तक सौंपनी होगी विस्तृत रिपोर्ट
डीसीडब्ल्यू के अनुसार बैंक ने दिशानिर्देशों में कहा है कि यदि कोई महिला उम्मीदवार तीन महीने की गर्भवती है, तो उसे अस्थायी रूप से अयोग्य माना जाएगा और उसका चयन होने पर उसको तत्काल कार्यभार नहीं ग्रहण करवाया जाएगा। इन नियमों से महिलाओं के शामिल होने में देरी होगी और बाद में वे अपनी वरिष्ठता खो देंगी। डीसीडब्ल्यू ने कहा कि यह सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत प्रदान किए गए मातृत्व लाभों के विपरीत है और लिंग के आधार पर भेदभाव है जोकि भारत के संविधान के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। बैंक को डीसीडब्ल्यू के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए 23 जून 2022 तक का समय दिया गया है। ऐसे ही नियम साल 2022 के शुरूआत में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा बनाए गए थे लेकिन डीसीडब्ल्यू के नोटिस के बाद तुरंत उन्हें वापस लिया गया था। 
विश्व संगीत दिवस पर दुर्लभ वाद्ययंत्रों को संगीत-नाटक अकादमी दिलाएगी पहचान
नियम भेदभावपूर्ण और अवैध हैं, इन्हें तुरंत वापस लिया जाए : स्वाति
डीसीडब्लयू अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा कि एक गर्भवती महिला को अस्थायी रूप से अनफिट कहा जाए और काम के अवसरों से वंचित किया जाए। यह पितृसत्तात्मक मानसिकता और कुप्रथा को दर्शाता है जो अभी भी हमारे समाज में प्रचलित है। नियम भेदभावपूर्ण और अवैध हैं और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, बैंकों को भविष्य में ऐसे दिशानिर्देश जारी करने से रोका जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि आरबीआई इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा और दिशा-निर्देश तैयार करेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.