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dda new 2021 plan know new highlighting features of dda

DDA का नया मास्टर प्लान होगा कुछ खास, जाने क्या होंगे प्रमुख आकर्षण

  • Updated on 8/13/2019

नई दिल्ली/निशांत राघव। दिल्ली (Delhi) के मास्टर प्लान (Master Plan) 2021 (एमपीडी) में पेश आई समस्याओं को देखते हुए डीडीए इस बार एमपीडी (MPD) 2041 के लिए फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। यदि सभी कुछ उम्मीद के अनुरूप हुआ तो जल्द ही नए मास्टर प्लान को अमली जामा पहना दिया जाएगा।  तेज विकास के साथ-साथ हेरिटेज, पर्यावरण संरक्षण पर खास ध्यान दिया जाएगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) एमपीडी 2041 को तैयार करने में जुटा है। 

नए मास्टर प्लान के लिए विभिन्न आरडब्ल्यूए सहित पंद्रह अन्य ऐसे ग्रुप से भी राय ली गई है, जिसमें आर्किटेक्ट सहित जमीन पर बेहतर निर्माण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वाले विशेषज्ञ शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि दरअसल एमपीडी 2021 को लागू करने में ही इतनी देरी हुई कि उसमें शामिल कई बातों का औचित्य ही नहीं रह गया। 

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यही वजह है कि लोग सीलिंग, लचर परिवहन व्यवस्था, पार्किंग समस्या से लेकर अनियोजित कॉलोनियों में रहने को मजबूर हुए हैं। डीडीए का कहना है कि नए मास्टर प्लान को एमपीडी 2021 के समाप्त होने से पहले ही लागू कर दिया जाएगा। एमपीडी 2041 में जहां जीआईएस (जियो स्पेटियल सेटेलाइट) के जरिये जमीन की पैमाईश होने के कारण अवैध निर्माण व कब्जे की समस्या काफी हद तक दूर होगी, वहीं वायु प्रदूषण, डेटा एकीकृत, चलने योग्य उचित सड़क, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, पुनर्विकास, बेहतर इंफ्रा तथा रहने के लिए उचित सुविधायुक्त आवास मिल सकेंगे। अनधिकृत कॉलोनियों का नियमन होने से अवैध निर्माण भी रुकेंगे। कोशिश है कि मास्टर प्लान 2041 में यह पहले से ही तय हो जाए कि दिल्ली के लोग क्या चाहते हैं और उसे किस तरह से अमल में लाया जा सकता है। डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछली खामियों को दूर करने को डीडीए अभी से दिल्ली मास्टर प्लान 2041 के लिए जुटा है। 

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इन मुद्दों पर होगा सर्वाधिक ध्यान

1. लैंड पूलिंग 
इसके जरिये आने वाले दिनों में करीब 20 लाख से अधिक लोगों को मकान देने की योजना पर डीडीए अभी से जुटा है। दिल्ली के नए मास्टर प्लान में इस पर विशेषतौर पर ध्यान दिया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक लोगों को रहने के लिए आवास मिल सकें। 

2. यातायात कनेक्टिविटी
अक्सर दिल्ली में किसी भी इलाके के विकास में सबसे बड़ी बाधा यातायात कनेक्टिविटी की कमी को लेकर आती रही है। चाहें बात नरेला, रोहिणी, कंझावला, बक्करवाला जैसे इलाकों की हो या फिर पूर्वी दिल्ली के कई अन्य इलाकों की। डीएमआरसी के साथ मिलकर डीडीए यातायात व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देगा।

3. लाल डोरा होंगे शहरी ग्रामीण क्षेत्र में
कोशिश है कि नए मास्टर प्लान 2041 में लाल डोरा वाले ग्रामीण इलाकों को तब्दील कर उनकी श्रेणी परिवर्तित कर दी जाए। जिसके बाद वह शहरी ग्रामीण इलाकों में शुमार हो जाएंगे। संभव है कि नजफगढ़, बक्करवाला, महरौली गांव, किशनगढ़ व इसके जैसे कई अन्य गांवों में बड़े-बड़े शॉपिंग काम्पलेक्स बनाए जा सकें और यहां भी डीडीए आवासीय एवं अन्य गतिविधि से जुड़े प्रोजेक्ट को अंजाम दे। 

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4. सब-सिटी
अर्से से दिल्ली में बढ़ती जनसंख्या को एनसीआर के इलाकों में शिफ्ट करने अथवा नए इलाकों को बेहतर तरीके से बसाने पर चर्चा होती रही है। द्वारका के बाद दिल्ली में रोहिणी, नरेला, कंझावला, बुराड़ी, बवाना जैसे इलाकों पर खास निगाह रहेगी। रोहिणी व नरेला तो सब-सिटी के लिए पहले से ही चिन्हित हैं। 

 

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