Friday, May 07, 2021
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मिलिए, दिल्ली मेट्रो के मेलोडी मैन 'मुनिंदर सागर' से

  • Updated on 6/9/2018

नई दिल्ली/टीम ​डिजिटल। दिल्ली मेट्रो में अक्सर आपने लोगों को सीट के लिए लड़ते-झगड़ते देखा होगा। खासकर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर, जहां मेट्रो के आते ही प्लेटफॉर्म पर हड़कंप मच जाता है। मेट्रो के इस सफर में आप कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जैसे जिनका आज अप्रेजल हुआ हो या जो अपने ब्रेकअप से झूझ रहें हों वगैरह-वगैरह।

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मेट्रो के इसी उबाऊ और व्यस्ततम माहौल के बीच एक आदमी अपने सुंदर संगीत के साथ खुशी फैलाने भी आता है, जिसे आपने अक्सर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर देखा भी होगा। 

हम बात कर रहें हैं दिल्ली मेट्रो के मेलडी मैन मुनिंदर सागर की, जो अपने मधुर संगीत से रोज शाम थके हुए यात्रियों का मनोरंजन करते हैं। 60 वर्षीय मुनिंदर अक्सर राजीव चौक मेट्रो से बोर्ड करते हैं और माउथ ओरगन पर पुराने गानों की धुन बजाते हुए मेट्रो में लोगों का मनोरंजन करते हैं।

नोएडा के ब्रिटीश स्कूल ऑफ लेंगुएज में पढ़ाने वाले मुनिंदर पेशे से अंग्रेजी भाषा के शिक्षक है। वह माउथ ओरगन बचपन से बजाते आ रहें है। वह ऐसा न तो पैसों के लिए करते हैं और न हीं किसी की अटेंशन पाने का लिए, बस लोगों को उनका यह टैलेंट पसंद आता है। 

अपने एक इंटरव्यू में मुनिंदर ने बताया कि मैं न तो ये पैसों के लिए करता हूं और न हीं किसी की अटेंशन पाने का लिए लेकिन मुझे असली प्रशंसा पसंद है। हां मैंने एक बार एक बिजनेसमैन से 2 हजार रूपये जरूर स्वीकार किए थे, क्योंकि वह चाहते थे कि मैं एक बेहतर इंन्स्ट्रूमेंट खरीदूं।

उन्होनें आगे कहा कि मुझे अपने इंन्स्ट्रूमेंट से बहुत प्यार है। मेरी तमन्ना है कि मेरे सारे इंन्स्ट्रूमेंट्स को मेरे साथ ही खत्म कर दिया जाए।

मुनिंदर पहले माउथ ओरगन को बस स्टॉप पर बजाते थे, लेकिन जब मेट्रो आई तो उन्होंने वहां भी उसे बजाना शुरू किया। मुनिंदर बताते हैं कि पहले उन्हें स्टेशन परिसर में माउथ ओरगन  बजाने से डर लगता था, लेकिन धीरे-धीरे जब लोग उनकी तरफ आकर्षित होने लगे तब उन्होंने इसे मेट्रो में रोज शाम को बजाना शुरू किया। 

मुनिंदर सुबह इसे रास्ते में नहीं बजाते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक सुबह यात्रियों को उनकी जरूरत नहीं होती है। 

मुनिंदर का यह प्रयास जताता है कि संगीत एक ऐसी भाषा है, जो जिंदगी में तमाम मतभेदों के बावजूद लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती है। 

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