Wednesday, Aug 04, 2021
-->
defense minister handed over drdo s to chiefs of armed forces prshnt

रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के प्रमुखों को DRDO की प्रणालियां सौंपी, नौसेना प्रमुख को मिली ये जिम्म

  • Updated on 12/19/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शुक्रवार को थलसेना (Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) को देश में विकसित डीआरडीओ की तीन प्रणालियां सौंपीं। इस संबंध में एक बयान में बताया गया कि रक्षा मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह को भारतीय समुद्री स्थिति सूचना प्रणाली (IMSAS) सौंपी।

आईएमएसएएस एक अत्याधुनिक, पूरी तरह से स्वदेशी, उच्च प्रदर्शन वाली इंटेलिजन्ट सॉफ्टवेयर प्रणाली है, जो भारतीय नौसेना को वैश्विक समुद्री स्थिति और समुद्री योजना उपकरण तथा विश्लेषणात्मक क्षमता प्रदान करती है।

J&K: DDC चुनाव के अंतिम चरण के लिए वोटिंग, 22 दिसंबर को मतगणना

बीओएसएस की प्रणाली
रक्षा मंत्री ने एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया को अस्त्र एमके-1 मिसाइल प्रणाली सौंपी जो स्वदेश में विकसित दृश्य सीमा से परे पहली मिसाइल प्रणाली है। यह मिसाइल सुखोई-30 और अन्य लड़ाकू विमानों से दागी जा सकती है। सिंह ने थलसेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे को सीमा निगरानी प्रणाली (बीओएसएस) सौंपी।

बयान में बताया गया कि सभी तीनों प्रणाली आईएमएसएएस, अस्त्र एमके-1 और बीओएसएस को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है। रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत भी इस अवसर पर मौजूद थे।

कृषि कानूनों पर पीएम मोदी की दलीलों का आंदोलनरत किसानों पर नहीं हुआ असर

डीआरडीओ वैज्ञानिकों की भूमिका की सराहना
बता दें कि राजनाथ सिंह ने कोविड-19 महामारी का सामना करने में डीआरडीओ वैज्ञानिकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री येसो नाइक ने कहा कि रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में डीआरडीओ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कोविड-19 का सामना करने के लिए तकनीकों और उत्पादों के विकास की दिशा में डीआरडीओ के प्रयासों की सराहना की। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने अपने संबोधन में वैज्ञानिकों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और तेज गति से काम करने जोर दिया, जिससे देश में अधिकांश प्रणालियां स्वदेशी हों।

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें...

comments

.
.
.
.
.